पाठ बदला गया है
BNSS धारा 209 अब CrPC धारा 189 है
भारत के बाहर किए गए अपराधों से संबंधित साक्ष्यों की प्राप्ति।
पुराना कानून
BNSS §209
भारत के बाहर किए गए अपराधों से संबंधित साक्ष्यों की प्राप्ति।
जब भारत के बाहर किसी क्षेत्र में कथित रूप से किए गए किसी अपराध की धारा 208 के प्रावधानों के तहत जांच या मुकदमा चलाया जा रहा हो, तो केंद्र सरकार, यदि वह उचित समझे, तो यह निर्देश दे सकती है कि उस क्षेत्र में किसी न्यायिक अधिकारी के समक्ष या उस क्षेत्र में भारत के किसी राजनयिक या वाणिज्य दूतावास प्रतिनिधि के समक्ष भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिए गए बयानों या प्रस्तुत साक्ष्यों की प्रतियां, ऐसी जांच या मुकदमे का संचालन करने वाले न्यायालय द्वारा साक्ष्य के रूप में स्वीकार की जाएंगी, ऐसे किसी भी मामले में जिसमें न्यायालय उन मामलों के संबंध में साक्ष्य लेने के लिए एक आयोग जारी कर सकता है जिनसे ऐसे बयान या साक्ष्य संबंधित हैं।
पूरा पढ़ें: BNSS §209नया कानून
CrPC §189
धारा 189. भारत के बाहर किए गए अपराधों से संबंधित साक्ष्य की प्राप्ति
189. भारत के बाहर किए गए अपराधों से संबंधित साक्ष्य की प्राप्ति
जब भारत के बाहर के किसी राज्यक्षेत्र में किया गया अभिकथित कोई अपराध धारा 188 के उपबंधों के अधीन जांचा या विचारित किया जा रहा है, तब केन्द्रीय सरकार, यदि वह ठीक समझे, यह निदेश दे सकेगी कि उस राज्यक्षेत्र में या उसके लिए किसी न्यायिक अधिकारी के समक्ष, अथवा उस राज्यक्षेत्र में या उसके लिए भारत के किसी राजनयिक या कौंसलीय प्रतिनिधि के समक्ष, अभिलिखित अभिसाक्ष्यों की या पेश किए गए प्रदर्शों की प्रतियां ऐसी जांच या विचारण करने वाले न्यायालय द्वारा किसी ऐसे मामले में साक्ष्य के रूप में प्राप्त की जाएं, जिसमें ऐसा न्यायालय उन विषयों के बारे में, जिनसे ऐसे अभिसाक्ष्य या प्रदर्श संबंधित हैं, साक्ष्य लेने के लिए कमीशन निकाल सकता था।
पूरा पढ़ें: CrPC §189जब भारत के बाहर के किसी राज्यक्षेत्र में किया गया अभिकथित कोई अपराध धारा 188 के उपबंधों के अधीन जांचा या विचारित किया जा रहा है, तब केन्द्रीय सरकार, यदि वह ठीक समझे, यह निदेश दे सकेगी कि उस राज्यक्षेत्र में या उसके लिए किसी न्यायिक अधिकारी के समक्ष, अथवा उस राज्यक्षेत्र में या उसके लिए भारत के किसी राजनयिक या कौंसलीय प्रतिनिधि के समक्ष, अभिलिखित अभिसाक्ष्यों की या पेश किए गए प्रदर्शों की प्रतियां ऐसी जांच या विचारण करने वाले न्यायालय द्वारा किसी ऐसे मामले में साक्ष्य के रूप में प्राप्त की जाएं, जिसमें ऐसा न्यायालय उन विषयों के बारे में, जिनसे ऐसे अभिसाक्ष्य या प्रदर्श संबंधित हैं, साक्ष्य लेने के लिए कमीशन निकाल सकता था।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
