पुराना कानून
BNSS §208
भारत के बाहर किया गया अपराध।
जब कोई अपराध भारत के बाहर किया जाता है—
(क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र में हो या कहीं और; या
(ख) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक न हो, भारत में पंजीकृत किसी जहाज या विमान पर,
उस अपराध के संबंध में उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है मानो वह अपराध भारत के किसी भी स्थान पर किया गया हो जहां वह पाया जाता है या जहां भारत में अपराध पंजीकृत है।
इस अध्याय के पूर्ववर्ती खंडों में किसी भी बात के होते हुए भी, भारत में ऐसे किसी भी अपराध की जांच या मुकदमा केंद्रीय सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं चलाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §208(क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र में हो या कहीं और; या
(ख) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक न हो, भारत में पंजीकृत किसी जहाज या विमान पर,
उस अपराध के संबंध में उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है मानो वह अपराध भारत के किसी भी स्थान पर किया गया हो जहां वह पाया जाता है या जहां भारत में अपराध पंजीकृत है।
इस अध्याय के पूर्ववर्ती खंडों में किसी भी बात के होते हुए भी, भारत में ऐसे किसी भी अपराध की जांच या मुकदमा केंद्रीय सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं चलाया जाएगा।
नया कानून
CrPC §188
धारा 188. भारत के बाहर किया गया अपराध
188. भारत के बाहर किया गया अपराध
जब कोई अपराध भारत के बाहर—
(क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र पर या अन्यत्र; अथवा
(ख) ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक नहीं है, भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी जलयान या वायुयान पर,
किया जाता है, तब उसके साथ ऐसे अपराध के बारे में इस प्रकार कार्यवाही की जा सकेगी मानो वह अपराध भारत के भीतर किसी ऐसे स्थान पर किया गया हो, जहां वह पाया जाए:
परन्तु इस अध्याय की पूर्ववर्ती धाराओं में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे किसी अपराध की जांच या विचारण भारत में केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §188जब कोई अपराध भारत के बाहर—
(क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र पर या अन्यत्र; अथवा
(ख) ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक नहीं है, भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी जलयान या वायुयान पर,
किया जाता है, तब उसके साथ ऐसे अपराध के बारे में इस प्रकार कार्यवाही की जा सकेगी मानो वह अपराध भारत के भीतर किसी ऐसे स्थान पर किया गया हो, जहां वह पाया जाए:
परन्तु इस अध्याय की पूर्ववर्ती धाराओं में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे किसी अपराध की जांच या विचारण भारत में केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
