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भारत के बाहर किया गया अपराध।
जब कोई अपराध भारत के बाहर किया जाता है— (क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र में हो या कहीं और; या (ख) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक न हो, भारत में पंजीकृत किसी जहाज या विमान पर, उस अपराध के संबंध में उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है मानो वह अपराध भारत के किसी भी स्थान पर किया गया हो जहां वह…
पूरा पढ़ेंधारा 188. भारत के बाहर किया गया अपराध
188. भारत के बाहर किया गया अपराध जब कोई अपराध भारत के बाहर— (क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, चाहे खुले समुद्र पर या अन्यत्र; अथवा (ख) ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा, जो ऐसा नागरिक नहीं है, भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी जलयान या वायुयान पर, किया जाता है, तब उसके साथ ऐसे अपराध के बारे में इस प्रकार कार्यवाही की जा सकेगी मानो वह…
पूरा पढ़ेंसत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्तों को बयानों और दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराना।
जहां, पुलिस रिपोर्ट के अलावा किसी अन्य आधार पर दर्ज किए गए मामले में, धारा 227 के तहत प्रक्रिया जारी करने वाले मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि अपराध का विचारण केवल सत्र न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है, तो मजिस्ट्रेट तुरंत आरोपी को निम्नलिखित में से प्रत्येक की एक प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराएगा: (i) मजिस्ट्रेट…
पूरा पढ़ेंधारा 208. सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्त को कथनों और दस्तावेजों की प्रतियां देना
208. सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्त को कथनों और दस्तावेजों की प्रतियां देना जहां पुलिस रिपोर्ट से अन्यथा संस्थित किसी मामले में धारा 204 के अधीन आदेशिका जारी करने वाले मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि अपराध केवल सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है, वहां मजिस्ट्रेट अभियुक्त को निम्नलिखित में से…
पूरा पढ़ें- BNSS §208CRPC §188बदलाव हुआ
भारत के बाहर किया गया अपराध।
धारा 188. भारत के बाहर किया गया अपराध
- BNSS §231CRPC §208बदलाव हुआ
सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्तों को बयानों और दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराना।
धारा 208. सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अन्य मामलों में अभियुक्त को कथनों और दस्तावेजों की प्रतियां देना
