पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 201 अब CrPC धारा 181 है
कुछ अपराधों के मामलों में मुकदमे का स्थान।
पुराना कानून
BNSS §201
कुछ अपराधों के मामलों में मुकदमे का स्थान।
(1) डकैती का कोई अपराध, या हत्या के साथ डकैती का अपराध, डकैतों के गिरोह से संबंधित होने का अपराध, या हिरासत से भागने का अपराध, उस न्यायालय द्वारा जांचा या मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में अपराध किया गया था या आरोपी व्यक्ति पाया जाता है।
(2) किसी व्यक्ति के अपहरण या अगवा करने के किसी भी अपराध की जाँच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में उस व्यक्ति का अपहरण या अगवा किया गया था या उसे ले जाया गया था या छिपाया गया था या हिरासत में लिया गया था।
(3) चोरी, जबरन वसूली या डकैती के किसी भी अपराध की जाँच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में अपराध किया गया था या चोरी की संपत्ति, जो अपराध का विषय है, अपराध करने वाले किसी व्यक्ति या ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने ऐसी संपत्ति को चोरी की संपत्ति जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए प्राप्त किया या अपने पास रखा था।
(4) आपराधिक गबन या आपराधिक विश्वासघात के किसी भी अपराध की जाँच या सुनवाई उस न्यायालय द्वारा की जा सकती है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में अपराध किया गया था या अपराध से संबंधित संपत्ति का कोई भाग आरोपी व्यक्ति द्वारा प्राप्त या रखा गया था या उसे वापस करने या हिसाब देने की आवश्यकता थी।
(5) कोई भी अपराध जिसमें चोरी की संपत्ति का कब्ज़ा शामिल है, उस न्यायालय द्वारा जांचा या मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार में अपराध किया गया था या चोरी की संपत्ति किसी ऐसे व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने इसे चोरी की संपत्ति जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए प्राप्त किया या अपने पास रखा था।
पूरा पढ़ें: BNSS §201(2) किसी व्यक्ति के अपहरण या अगवा करने के किसी भी अपराध की जाँच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में उस व्यक्ति का अपहरण या अगवा किया गया था या उसे ले जाया गया था या छिपाया गया था या हिरासत में लिया गया था।
(3) चोरी, जबरन वसूली या डकैती के किसी भी अपराध की जाँच या मुकदमा उस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में अपराध किया गया था या चोरी की संपत्ति, जो अपराध का विषय है, अपराध करने वाले किसी व्यक्ति या ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने ऐसी संपत्ति को चोरी की संपत्ति जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए प्राप्त किया या अपने पास रखा था।
(4) आपराधिक गबन या आपराधिक विश्वासघात के किसी भी अपराध की जाँच या सुनवाई उस न्यायालय द्वारा की जा सकती है जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में अपराध किया गया था या अपराध से संबंधित संपत्ति का कोई भाग आरोपी व्यक्ति द्वारा प्राप्त या रखा गया था या उसे वापस करने या हिसाब देने की आवश्यकता थी।
(5) कोई भी अपराध जिसमें चोरी की संपत्ति का कब्ज़ा शामिल है, उस न्यायालय द्वारा जांचा या मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार में अपराध किया गया था या चोरी की संपत्ति किसी ऐसे व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने इसे चोरी की संपत्ति जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए प्राप्त किया या अपने पास रखा था।
नया कानून
CrPC §181
धारा 181. कुछ अपराधों के मामले में विचारण का स्थान
181. कुछ अपराधों के मामले में विचारण का स्थान
(1) ठग होने का, या ठग द्वारा की गई हत्या का, डकैती का, हत्या सहित डकैती का, डाकुओं के गिरोह का सदस्य होने का, अथवा अभिरक्षा से निकल भागने का, कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था या अभियुक्त व्यक्ति पाया जाता है।
(2) किसी व्यक्ति के व्यपहरण या अपहरण का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर उस व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण किया गया था, या वह ले जाया गया या छिपाया गया या निरुद्ध रखा गया था।
(3) चोरी, उद्दापन या लूट का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह चुराई हुई संपत्ति, जो अपराध की विषय-वस्तु है, उस अपराध को करने वाले किसी व्यक्ति के कब्जे में थी, या ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने उसे चुराई हुई संपत्ति जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, प्राप्त किया या रखे रखा।
(4) आपराधिक दुर्विनियोग या आपराधिक न्यासभंग का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर उस संपत्ति का, जो अपराध की विषय-वस्तु है, कोई भाग अभियुक्त व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया गया था या रखे रखा गया था, अथवा उसके द्वारा लौटाया जाना या उसका लेखा दिया जाना अपेक्षित था।
(5) कोई ऐसा अपराध, जिसके अंतर्गत चुराई हुई संपत्ति का कब्जा है, ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह चुराई हुई संपत्ति ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी, जिसने उसे चुराई हुई संपत्ति जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, प्राप्त किया या रखे रखा।
पूरा पढ़ें: CrPC §181(1) ठग होने का, या ठग द्वारा की गई हत्या का, डकैती का, हत्या सहित डकैती का, डाकुओं के गिरोह का सदस्य होने का, अथवा अभिरक्षा से निकल भागने का, कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था या अभियुक्त व्यक्ति पाया जाता है।
(2) किसी व्यक्ति के व्यपहरण या अपहरण का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर उस व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण किया गया था, या वह ले जाया गया या छिपाया गया या निरुद्ध रखा गया था।
(3) चोरी, उद्दापन या लूट का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह चुराई हुई संपत्ति, जो अपराध की विषय-वस्तु है, उस अपराध को करने वाले किसी व्यक्ति के कब्जे में थी, या ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी जिसने उसे चुराई हुई संपत्ति जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, प्राप्त किया या रखे रखा।
(4) आपराधिक दुर्विनियोग या आपराधिक न्यासभंग का कोई अपराध ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर उस संपत्ति का, जो अपराध की विषय-वस्तु है, कोई भाग अभियुक्त व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया गया था या रखे रखा गया था, अथवा उसके द्वारा लौटाया जाना या उसका लेखा दिया जाना अपेक्षित था।
(5) कोई ऐसा अपराध, जिसके अंतर्गत चुराई हुई संपत्ति का कब्जा है, ऐसे न्यायालय द्वारा जांचा या विचारित किया जा सकेगा, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह अपराध किया गया था, अथवा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह चुराई हुई संपत्ति ऐसे किसी व्यक्ति के कब्जे में थी, जिसने उसे चुराई हुई संपत्ति जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, प्राप्त किया या रखे रखा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
