पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 150 अब CrPC धारा 131 है
कुछ सशस्त्र बल अधिकारियों को सभा को तितर-बितर करने का अधिकार प्राप्त है।
पुराना कानून
BNSS §150
कुछ सशस्त्र बल अधिकारियों को सभा को तितर-बितर करने का अधिकार प्राप्त है।
जब किसी सभा से जन सुरक्षा को स्पष्ट रूप से खतरा हो और किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट से संपर्क न हो सके, तो सशस्त्र बलों का कोई भी नियुक्त या राजपत्रित अधिकारी अपने अधीन सशस्त्र बलों की सहायता से ऐसी सभा को तितर-बितर कर सकता है और सभा को तितर-बितर करने या कानून के अनुसार दंडित करने के लिए उसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है; लेकिन यदि इस धारा के तहत कार्रवाई करते समय उसके लिए किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट से संपर्क करना संभव हो जाए, तो वह ऐसा करेगा और उसके बाद मजिस्ट्रेट के निर्देशों का पालन करेगा कि वह ऐसी कार्रवाई जारी रखे या न रखे।
पूरा पढ़ें: BNSS §150नया कानून
CrPC §131
धारा 131. कतिपय सशस्त्र बल अधिकारियों की जमाव को तितर-बितर करने की शक्ति
131. कतिपय सशस्त्र बल अधिकारियों की जमाव को तितर-बितर करने की शक्ति
जब लोक सुरक्षा किसी ऐसे जमाव द्वारा प्रत्यक्षतः संकट में है और किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से संपर्क नहीं किया जा सकता, तब सशस्त्र बलों का कोई कमीशन प्राप्त या राजपत्रित अधिकारी ऐसे जमाव को अपनी कमान के अधीन सशस्त्र बलों की सहायता से तितर-बितर कर सकेगा और उसके भाग बनने वाले किन्हीं व्यक्तियों को, ताकि ऐसा जमाव तितर-बितर हो जाए या वे विधि के अनुसार दंडित किए जा सकें, गिरफ्तार और परिरुद्ध कर सकेगा; किंतु यदि इस धारा के अधीन कार्य करते समय उसके लिए किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से संपर्क करना साध्य हो जाता है, तो वह ऐसा करेगा और तत्पश्चात् मजिस्ट्रेट के इस बारे में अनुदेशों का पालन करेगा कि वह ऐसी कार्रवाई जारी रखे या न रखे।
पूरा पढ़ें: CrPC §131जब लोक सुरक्षा किसी ऐसे जमाव द्वारा प्रत्यक्षतः संकट में है और किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से संपर्क नहीं किया जा सकता, तब सशस्त्र बलों का कोई कमीशन प्राप्त या राजपत्रित अधिकारी ऐसे जमाव को अपनी कमान के अधीन सशस्त्र बलों की सहायता से तितर-बितर कर सकेगा और उसके भाग बनने वाले किन्हीं व्यक्तियों को, ताकि ऐसा जमाव तितर-बितर हो जाए या वे विधि के अनुसार दंडित किए जा सकें, गिरफ्तार और परिरुद्ध कर सकेगा; किंतु यदि इस धारा के अधीन कार्य करते समय उसके लिए किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से संपर्क करना साध्य हो जाता है, तो वह ऐसा करेगा और तत्पश्चात् मजिस्ट्रेट के इस बारे में अनुदेशों का पालन करेगा कि वह ऐसी कार्रवाई जारी रखे या न रखे।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
