पाठ बदला गया है
BNSS धारा 143 अब CrPC धारा 124 है
जमानत की शेष अवधि के लिए सुरक्षा।
पुराना कानून
BNSS §143
जमानत की शेष अवधि के लिए सुरक्षा।
(1) जब कोई व्यक्ति, जिसके लिए धारा 140 की उपधारा (3) के परंतुक के तहत या धारा 142 की उपधारा (10) के तहत उपस्थिति हेतु समन या वारंट जारी किया गया हो, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बांड या जमानत बांड को रद्द कर देगा और ऐसे व्यक्ति को बांड की शेष अवधि के लिए मूल जमानत के समान ही नई जमानत देने का आदेश देगा।
(2) ऐसा प्रत्येक आदेश, धारा 139 से 142 (दोनों सहित) के प्रयोजनों के लिए, धारा 125 या धारा 136 के अधीन, जैसा भी मामला हो, आदेश माना जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §143(2) ऐसा प्रत्येक आदेश, धारा 139 से 142 (दोनों सहित) के प्रयोजनों के लिए, धारा 125 या धारा 136 के अधीन, जैसा भी मामला हो, आदेश माना जाएगा।
नया कानून
CrPC §124
धारा 124. बंधपत्र की अनवसित अवधि के लिए प्रतिभूति
124. बंधपत्र की अनवसित अवधि के लिए प्रतिभूति
(1) जब कोई व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति के लिए धारा 121 की उपधारा (3) के परन्तुक के अधीन या धारा 123 की उपधारा (10) के अधीन समन या वारंट जारी किया गया है, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र को रद्द करेगा और ऐसे व्यक्ति को यह आदेश देगा कि वह ऐसे बंधपत्र की अवधि के अनवसित भाग के लिए मूल प्रतिभूति के समान ही प्रकार की नई प्रतिभूति दे।
(2) प्रत्येक ऐसा आदेश, धारा 120 से धारा 123 तक की धाराओं के (दोनों सहित) प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, धारा 106 या धारा 117 के अधीन किया गया आदेश समझा जाएगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §124(1) जब कोई व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति के लिए धारा 121 की उपधारा (3) के परन्तुक के अधीन या धारा 123 की उपधारा (10) के अधीन समन या वारंट जारी किया गया है, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र को रद्द करेगा और ऐसे व्यक्ति को यह आदेश देगा कि वह ऐसे बंधपत्र की अवधि के अनवसित भाग के लिए मूल प्रतिभूति के समान ही प्रकार की नई प्रतिभूति दे।
(2) प्रत्येक ऐसा आदेश, धारा 120 से धारा 123 तक की धाराओं के (दोनों सहित) प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, धारा 106 या धारा 117 के अधीन किया गया आदेश समझा जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
