पुराना कानून
BNSS §136
सुरक्षा प्रदान करने का आदेश।
यदि ऐसी जांच करने पर यह सिद्ध हो जाता है कि शांति बनाए रखने या अच्छे व्यवहार को बनाए रखने के लिए, जैसा भी मामला हो, यह आवश्यक है कि जिस व्यक्ति के संबंध में जांच की जा रही है वह बांड या जमानत बांड निष्पादित करे, तो मजिस्ट्रेट तदनुसार आदेश देगा:
उसे उपलब्ध कराया-
(क) किसी भी व्यक्ति को धारा 130 के तहत जारी किए गए आदेश में निर्दिष्ट प्रकृति से भिन्न, राशि से अधिक या अवधि से अधिक के लिए सुरक्षा देने का आदेश नहीं दिया जाएगा;
(ख) प्रत्येक बांड या जमानत बांड की राशि मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाएगी और वह अत्यधिक नहीं होगी;
(ग) जब वह व्यक्ति जिसके संबंध में जांच की जा रही है, बच्चा हो, तो बांड केवल उसके जमानतदारों द्वारा ही निष्पादित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §136उसे उपलब्ध कराया-
(क) किसी भी व्यक्ति को धारा 130 के तहत जारी किए गए आदेश में निर्दिष्ट प्रकृति से भिन्न, राशि से अधिक या अवधि से अधिक के लिए सुरक्षा देने का आदेश नहीं दिया जाएगा;
(ख) प्रत्येक बांड या जमानत बांड की राशि मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाएगी और वह अत्यधिक नहीं होगी;
(ग) जब वह व्यक्ति जिसके संबंध में जांच की जा रही है, बच्चा हो, तो बांड केवल उसके जमानतदारों द्वारा ही निष्पादित किया जाएगा।
नया कानून
CrPC §117
धारा 117. प्रतिभूति देने का आदेश
117. प्रतिभूति देने का आदेश
यदि ऐसी जांच पर यह साबित हो जाता है कि, यथास्थिति, परिशांति कायम रखने या सदाचार बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि वह व्यक्ति, जिसके संबंध में जांच की गई है, प्रतिभुओं सहित या रहित बंधपत्र निष्पादित करे, तो मजिस्ट्रेट तदनुसार आदेश करेगा:
परन्तु—
(क) किसी व्यक्ति को उससे भिन्न प्रकार की, या उससे अधिक रकम की, या उससे दीर्घतर अवधि के लिए प्रतिभूति देने का आदेश नहीं दिया जाएगा, जो धारा 111 के अधीन किए गए आदेश में विनिर्दिष्ट है;
(ख) प्रत्येक बंधपत्र की रकम मामले की परिस्थितियों को सम्यक् रूप से ध्यान में रखते हुए नियत की जाएगी और अत्यधिक नहीं होगी;
(ग) जब वह व्यक्ति, जिसके संबंध में जांच की गई है, अवयस्क है, तब बंधपत्र केवल उसके प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §117यदि ऐसी जांच पर यह साबित हो जाता है कि, यथास्थिति, परिशांति कायम रखने या सदाचार बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि वह व्यक्ति, जिसके संबंध में जांच की गई है, प्रतिभुओं सहित या रहित बंधपत्र निष्पादित करे, तो मजिस्ट्रेट तदनुसार आदेश करेगा:
परन्तु—
(क) किसी व्यक्ति को उससे भिन्न प्रकार की, या उससे अधिक रकम की, या उससे दीर्घतर अवधि के लिए प्रतिभूति देने का आदेश नहीं दिया जाएगा, जो धारा 111 के अधीन किए गए आदेश में विनिर्दिष्ट है;
(ख) प्रत्येक बंधपत्र की रकम मामले की परिस्थितियों को सम्यक् रूप से ध्यान में रखते हुए नियत की जाएगी और अत्यधिक नहीं होगी;
(ग) जब वह व्यक्ति, जिसके संबंध में जांच की गई है, अवयस्क है, तब बंधपत्र केवल उसके प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
