पाठ बदला गया है
BNS धारा 99 अब IPC धारा 373 है
वेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदना।
पुराना कानून
BNS §99
वेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदना।
जो कोई भी किसी बच्चे को इस इरादे से खरीदता है, किराए पर लेता है या किसी अन्य तरीके से अपने कब्जे में लेता है कि उस बच्चे को किसी भी उम्र में वेश्यावृत्ति या किसी व्यक्ति के साथ अवैध यौन संबंध के लिए या किसी गैरकानूनी और अनैतिक उद्देश्य के लिए नियोजित या उपयोग किया जाएगा, या यह जानते हुए कि उस बच्चे को किसी भी उम्र में ऐसे किसी उद्देश्य के लिए नियोजित या उपयोग किए जाने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी लेकिन चौदह वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण 1.—कोई भी वेश्या या कोई भी व्यक्ति जो वेश्यालय चलाता है या उसका प्रबंधन करता है, जो अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला को खरीदता है, किराए पर लेता है या अन्यथा अपने कब्जे में लेता है, जब तक कि इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि उसने ऐसी महिला को वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से उपयोग करने के इरादे से अपने कब्जे में लिया है।
स्पष्टीकरण 2.— “अवैध यौन संबंध” का वही अर्थ है जो धारा 98 में है।
पूरा पढ़ें: BNS §99स्पष्टीकरण 1.—कोई भी वेश्या या कोई भी व्यक्ति जो वेश्यालय चलाता है या उसका प्रबंधन करता है, जो अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला को खरीदता है, किराए पर लेता है या अन्यथा अपने कब्जे में लेता है, जब तक कि इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि उसने ऐसी महिला को वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से उपयोग करने के इरादे से अपने कब्जे में लिया है।
स्पष्टीकरण 2.— “अवैध यौन संबंध” का वही अर्थ है जो धारा 98 में है।
नया कानून
IPC §373
धारा 373 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए अप्राप्तवय का खरीदना
वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए अप्राप्तवय का खरीदना
जो कोई, अठारह वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को इस आशय से कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी वेश्यावॄत्ति या किसी व्यक्ति से अयुक्त संभोग करने के लिए या किसी विधिविरुद्ध दुराचारिक प्रयोजन के लिए काम में लाया या उपयोग किया जाए या यह संभाव्य जानते हुए कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी ऐसे किसी प्रयोजन के लिए काम में लाया जाएगा या उपयोग किया जाएगा, खरीदेगा, भाड़े पर लेगा, या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - अठारह वर्ष से कम आयु की नारी को खरीदने वाली, भाड़े पर लेने वाली या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करने वाली किसी वेश्या के या वेश्यागॄह चलाने या उसका प्रबन्ध करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में, जब तक कि तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए, यह उपधारंणा की जाएगी कि ऐसी नारी का कब्जा उसने इस आशय से अभिप्राप्त किया है कि वह वेश्यावॄत्ति के प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाई जाएगी ।
स्पष्टीकरण 2 - “अयुक्त संभोग” का वही अर्थ है, जो धारा 372 में है ।
पूरा पढ़ें: IPC §373जो कोई, अठारह वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को इस आशय से कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी वेश्यावॄत्ति या किसी व्यक्ति से अयुक्त संभोग करने के लिए या किसी विधिविरुद्ध दुराचारिक प्रयोजन के लिए काम में लाया या उपयोग किया जाए या यह संभाव्य जानते हुए कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी ऐसे किसी प्रयोजन के लिए काम में लाया जाएगा या उपयोग किया जाएगा, खरीदेगा, भाड़े पर लेगा, या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - अठारह वर्ष से कम आयु की नारी को खरीदने वाली, भाड़े पर लेने वाली या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करने वाली किसी वेश्या के या वेश्यागॄह चलाने या उसका प्रबन्ध करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में, जब तक कि तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए, यह उपधारंणा की जाएगी कि ऐसी नारी का कब्जा उसने इस आशय से अभिप्राप्त किया है कि वह वेश्यावॄत्ति के प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाई जाएगी ।
स्पष्टीकरण 2 - “अयुक्त संभोग” का वही अर्थ है, जो धारा 372 में है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
