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ऐसे कृत्य जिनके विरुद्ध आत्मरक्षा का कोई अधिकार नहीं है।
(1) आत्मरक्षा का कोई अधिकार नहीं है, — (क) किसी ऐसे कृत्य के विरुद्ध, जिससे मृत्यु या गंभीर चोट की आशंका उचित रूप से उत्पन्न न हो, यदि वह कृत्य किसी लोक सेवक द्वारा सद्भावनापूर्वक अपने पद के दायित्व का निर्वहन करते हुए किया गया हो, या करने का प्रयास किया गया हो, भले ही वह कृत्य कानून द्वारा सख्ती से न्यायसंगत न हो;…
पूरा पढ़ेंधारा 99 - कार्य, जिनके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं है
कार्य, जिनके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं है यदि कोई कार्य, जिससे मृत्यु या घोर उपहति की आशंका युक्तियुक्त रूप से कारित नहीं होती, सद्भावपूर्वक अपने पदाभास में कार्य करते हुए लोक सेवक द्वारा किया जाता है या किए जाने का प्रयत्न किया जाता है तो उस कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं…
पूरा पढ़ेंवेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदना।
जो कोई भी किसी बच्चे को इस इरादे से खरीदता है, किराए पर लेता है या किसी अन्य तरीके से अपने कब्जे में लेता है कि उस बच्चे को किसी भी उम्र में वेश्यावृत्ति या किसी व्यक्ति के साथ अवैध यौन संबंध के लिए या किसी गैरकानूनी और अनैतिक उद्देश्य के लिए नियोजित या उपयोग किया जाएगा, या यह जानते हुए कि उस बच्चे को किसी भी उम्र में…
पूरा पढ़ेंधारा 373 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए अप्राप्तवय का खरीदना
वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए अप्राप्तवय का खरीदना जो कोई, अठारह वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को इस आशय से कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी वेश्यावॄत्ति या किसी व्यक्ति से अयुक्त संभोग करने के लिए या किसी विधिविरुद्ध दुराचारिक प्रयोजन के लिए काम में लाया या उपयोग किया जाए या यह संभाव्य जानते हुए कि ऐसा व्यक्ति…
पूरा पढ़ें- BNS §37IPC §99
ऐसे कृत्य जिनके विरुद्ध आत्मरक्षा का कोई अधिकार नहीं है।
धारा 99 - कार्य, जिनके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं है
- BNS §99IPC §373बदलाव हुआ
वेश्यावृत्ति आदि के उद्देश्य से बच्चे को खरीदना।
धारा 373 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए अप्राप्तवय का खरीदना
