पुराना कानून
BNS §70(1)
सामूहिक बलात्कार।
(1) यदि किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे कम से कम बीस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जहां अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना या मृत्युदंड दिया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §70(1)बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जहां अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना या मृत्युदंड दिया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
नया कानून
IPC §376(D)
धारा 376 - बलात्संग के लिए दण्ड
बलात्संग के लिए दण्ड
(1) जो कोई, उपधारा (2) द्वारा उपबन्धित मामलों के सिवाय, बलात्संग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो आजीवन या दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, सिवाय तब के जब कि वह स्त्री जिसके साथ बलात्संग किया गया है, उसकी अपनी पत्नी है और बारह वर्ष से कम आयु की नहीं है और ऐसे मामले में वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दण्डित किया जाएगा :
परन्तु न्यायालय पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, सात वर्ष से कम अवधि के कारावास का दण्डादेश अधिरोपित कर सकेगा ।
(2) जो कोई -
(क) पुलिस अधिकारी होते हुए -
(a) उस पुलिस थाने की सीमाओं के भीतर, जिसमें वह नियुक्त है, बलात्संग करेगा, या
(b) किसी भी थाने के परिसर में चाहे वह ऐसे पुलिस थाने में, जिसमें वह नियुक्त है, स्थित है या नहीं, बलात्संग करेगा, या
(c) अपनी अभिरक्षा में या अपने अधीनस्थ किसी पुलिस अधिकारी की अभिरक्षा में किसी स्त्री के साथ बलात्संग करेगा ; या
(ख) लोक सेवक होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर, किसी ऐसी स्त्री के साथ जो ऐसे लोक सेवक के रूप में उसकी अभिरक्षा में या उसके अधीनस्थ किसी लोक सेवक की अभिरक्षा में है, बलात्संग करेगा ; या
(ग) किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित अभिरक्षा के अन्य स्थान के या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के प्रबंध या कर्मचारिवॄंद में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठा कर ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था के किसी निवासी के साथ बलात्संग करेगा ; या
(घ) किसी अस्पताल के प्रबंध या कर्मचारिवॄंद में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाएगा और उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ बलात्संग करेगा ; या
(ङ) किसी स्त्री के साथ यह जानते हुए कि वह गर्भवती है, बलात्संग करेगा ; या
(च) किसी स्त्री के साथ, जो बारह वर्ष से कम आयु की है, बलात्संग करेगा ; या
(छ) सामूहिक बलात्संग करेगा,
वह कठोर कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा :
परन्तु न्यायालय पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, दोनों में से किसी भांति के कारावास का, जिसकी अवधि दस वर्ष से कम की हो सकेगी, दण्डादेश अधिरोपित कर सकेगा ।
स्पष्टीकरण 1 - जहां किसी स्त्री के साथ बलात्संग व्यक्तियों के समूह में से एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा, अपने सामान्य आशय को अग्रसर करने के लिए किया जाता है, वहां प्रत्येक व्यक्ति के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने इस उपधारा के अर्थ में सामूहिक बलात्संग किया है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” से ऐसी कोई संस्था अभिप्रेत है जिसका नाम चाहे अनाथालय हो या उपेक्षित स्त्रियों या बालकों के लिए गॄह हो या विधवाओं के लिए गॄह या कोई भी अन्य नाम हो, जो स्त्रियों और बालकों को ग्रहण करने और उनकी देखभाल करने के लिए स्थापित या अनुरक्षित है ।
स्पष्टीकरण 3 - “अस्पताल” से अस्पताल का अहाता अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत ऐसी किसी संस्था का अहाता है जो उल्लाध (आरोग्य स्थापन) के दौरान व्यक्तियों को या चिकित्सीय ध्यान या पुनर्वास की अपेक्षा रखने वाले व्यक्तियों को, प्रविष्ट करने और उनका उपचार करने के लिए है ।
पूरा पढ़ें: IPC §376(D)(1) जो कोई, उपधारा (2) द्वारा उपबन्धित मामलों के सिवाय, बलात्संग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो आजीवन या दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, सिवाय तब के जब कि वह स्त्री जिसके साथ बलात्संग किया गया है, उसकी अपनी पत्नी है और बारह वर्ष से कम आयु की नहीं है और ऐसे मामले में वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दण्डित किया जाएगा :
परन्तु न्यायालय पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, सात वर्ष से कम अवधि के कारावास का दण्डादेश अधिरोपित कर सकेगा ।
(2) जो कोई -
(क) पुलिस अधिकारी होते हुए -
(a) उस पुलिस थाने की सीमाओं के भीतर, जिसमें वह नियुक्त है, बलात्संग करेगा, या
(b) किसी भी थाने के परिसर में चाहे वह ऐसे पुलिस थाने में, जिसमें वह नियुक्त है, स्थित है या नहीं, बलात्संग करेगा, या
(c) अपनी अभिरक्षा में या अपने अधीनस्थ किसी पुलिस अधिकारी की अभिरक्षा में किसी स्त्री के साथ बलात्संग करेगा ; या
(ख) लोक सेवक होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर, किसी ऐसी स्त्री के साथ जो ऐसे लोक सेवक के रूप में उसकी अभिरक्षा में या उसके अधीनस्थ किसी लोक सेवक की अभिरक्षा में है, बलात्संग करेगा ; या
(ग) किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित अभिरक्षा के अन्य स्थान के या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के प्रबंध या कर्मचारिवॄंद में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठा कर ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था के किसी निवासी के साथ बलात्संग करेगा ; या
(घ) किसी अस्पताल के प्रबंध या कर्मचारिवॄंद में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाएगा और उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ बलात्संग करेगा ; या
(ङ) किसी स्त्री के साथ यह जानते हुए कि वह गर्भवती है, बलात्संग करेगा ; या
(च) किसी स्त्री के साथ, जो बारह वर्ष से कम आयु की है, बलात्संग करेगा ; या
(छ) सामूहिक बलात्संग करेगा,
वह कठोर कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा :
परन्तु न्यायालय पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, दोनों में से किसी भांति के कारावास का, जिसकी अवधि दस वर्ष से कम की हो सकेगी, दण्डादेश अधिरोपित कर सकेगा ।
स्पष्टीकरण 1 - जहां किसी स्त्री के साथ बलात्संग व्यक्तियों के समूह में से एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा, अपने सामान्य आशय को अग्रसर करने के लिए किया जाता है, वहां प्रत्येक व्यक्ति के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने इस उपधारा के अर्थ में सामूहिक बलात्संग किया है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” से ऐसी कोई संस्था अभिप्रेत है जिसका नाम चाहे अनाथालय हो या उपेक्षित स्त्रियों या बालकों के लिए गॄह हो या विधवाओं के लिए गॄह या कोई भी अन्य नाम हो, जो स्त्रियों और बालकों को ग्रहण करने और उनकी देखभाल करने के लिए स्थापित या अनुरक्षित है ।
स्पष्टीकरण 3 - “अस्पताल” से अस्पताल का अहाता अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत ऐसी किसी संस्था का अहाता है जो उल्लाध (आरोग्य स्थापन) के दौरान व्यक्तियों को या चिकित्सीय ध्यान या पुनर्वास की अपेक्षा रखने वाले व्यक्तियों को, प्रविष्ट करने और उनका उपचार करने के लिए है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
