पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 338 अब IPC धारा 467 है
मूल्यवान प्रतिभूतियों, वसीयत आदि की जालसाजी।
पुराना कानून
BNS §338
मूल्यवान प्रतिभूतियों, वसीयत आदि की जालसाजी।
जो कोई भी ऐसा दस्तावेज बनाता है जो मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, पुत्र गोद लेने का अधिकार पत्र, या किसी व्यक्ति को मूल्यवान प्रतिभूति बनाने या हस्तांतरित करने, या उस पर मूलधन, ब्याज या लाभांश प्राप्त करने, या कोई धन, चल संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति प्राप्त करने या देने का अधिकार देता हो, या कोई ऐसा दस्तावेज जो धन के भुगतान की स्वीकृति देने वाली रसीद या रसीद हो, या किसी चल संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की सुपुर्दगी की रसीद या रसीद हो, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की किसी भी प्रकार की कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §338नया कानून
IPC §467
धारा 467 - मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना
मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना
जो काई किसी ऐसी दस्तावेज की, जिसका कोई मूल्यवान प्रतिभूति या विल या पुत्र के दत्तकग्रहण का प्राधिकार होना तात्पर्यित हो, अथवा जिसका किसी मूल्यवान प्रतिभूति की रचना या अन्तरण का, या उस पर के मूलधन, ब्याज या लाभांश को प्राप्त करने का, या किसी धन, जंगम सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति को प्राप्त करने या परिदत्त करने का प्राधिकार होना तात्पर्यित हो, अथवा किसी दस्तावेज को, जिसका धन दिए जाने की अभिस्वीकॄति करने वाला निस्तारणपत्र या रसीद होना, या किसी जंगम संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति के परिदान के लिए निस्तारणपत्र या रसीद होना तात्पर्यित हो, कूटरचना करेगा वह आजीवन कारावास से, या दानों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §467जो काई किसी ऐसी दस्तावेज की, जिसका कोई मूल्यवान प्रतिभूति या विल या पुत्र के दत्तकग्रहण का प्राधिकार होना तात्पर्यित हो, अथवा जिसका किसी मूल्यवान प्रतिभूति की रचना या अन्तरण का, या उस पर के मूलधन, ब्याज या लाभांश को प्राप्त करने का, या किसी धन, जंगम सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति को प्राप्त करने या परिदत्त करने का प्राधिकार होना तात्पर्यित हो, अथवा किसी दस्तावेज को, जिसका धन दिए जाने की अभिस्वीकॄति करने वाला निस्तारणपत्र या रसीद होना, या किसी जंगम संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति के परिदान के लिए निस्तारणपत्र या रसीद होना तात्पर्यित हो, कूटरचना करेगा वह आजीवन कारावास से, या दानों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
