पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 306 अब IPC धारा 381 है
क्लर्क या नौकर द्वारा मालिक के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी।
पुराना कानून
BNS §306
क्लर्क या नौकर द्वारा मालिक के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी।
जो कोई भी क्लर्क या नौकर होते हुए, या क्लर्क या नौकर के रूप में कार्यरत होते हुए, अपने स्वामी या नियोक्ता के कब्जे में मौजूद किसी संपत्ति की चोरी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §306नया कानून
IPC §381
धारा 381 - लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में की संपत्ति की चोरी
लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में की संपत्ति की चोरी
जो कोई, लिपिक या सेवक होते हुए, या लिपिक या सेवक की हैसियत में नियोजित होते हुए, अपने स्वामी या नियोजक के कब्जे में की किसी संपत्ति के संबंध में चोरी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §381जो कोई, लिपिक या सेवक होते हुए, या लिपिक या सेवक की हैसियत में नियोजित होते हुए, अपने स्वामी या नियोजक के कब्जे में की किसी संपत्ति के संबंध में चोरी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
