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आत्महत्या के लिए उकसाना।
यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है, तो जो कोई भी ऐसी आत्महत्या करने में सहायता करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंआत्महत्या के लिए उकसाना।
यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है, तो जो कोई भी ऐसी आत्महत्या करने में सहायता करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंक्लर्क या नौकर द्वारा मालिक के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी।
जो कोई भी क्लर्क या नौकर होते हुए, या क्लर्क या नौकर के रूप में कार्यरत होते हुए, अपने स्वामी या नियोक्ता के कब्जे में मौजूद किसी संपत्ति की चोरी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 381 - लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में की संपत्ति की चोरी
लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में की संपत्ति की चोरी जो कोई, लिपिक या सेवक होते हुए, या लिपिक या सेवक की हैसियत में नियोजित होते हुए, अपने स्वामी या नियोजक के कब्जे में की किसी संपत्ति के संबंध में चोरी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और…
पूरा पढ़ें- BNS §108IPC §306
आत्महत्या के लिए उकसाना।
- BNS §306IPC §381
क्लर्क या नौकर द्वारा मालिक के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी।
धारा 381 - लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में की संपत्ति की चोरी
