पाठ बदला गया है
BNS धारा 118 अब IPC धारा 324 है
खतरनाक हथियारों या साधनों द्वारा जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।
पुराना कानून
BNS §118
खतरनाक हथियारों या साधनों द्वारा जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।
(1) धारा 122 की उपधारा (1) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी स्वेच्छा से किसी तीरंदाजी, छुरा घोंपने या काटने के औजार से, या किसी ऐसे औजार से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, या आग या किसी गर्म पदार्थ से, या किसी जहर या किसी संक्षारक पदार्थ से, या किसी विस्फोटक पदार्थ से, या किसी ऐसे पदार्थ से, जिसका साँस लेना, निगलना या रक्त में प्रवेश करना मानव शरीर के लिए हानिकारक हो, या किसी जानवर से चोट पहुँचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या बीस हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) धारा 122 की उपधारा (2) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी साधन से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाता है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §118(2) धारा 122 की उपधारा (2) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी साधन से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाता है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
नया कानून
IPC §324
धारा 324 - खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना
खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना
उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 334 में उपबंध है, जो कोई असन, वेधन या काटने के किसी उपकरण द्वारा या किसी ऐसे उपकरण द्वारा जो यदि आक्रामक आयुध के तौर पर उपयोग में लाया जाए, तो उससे मॄत्यु कारित होना सम्भाव्य है, या अग्नि या किसी तप्त पदार्थ द्वारा, या किसी विष या किसी संक्षारक पदार्थ द्वारा या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा या किसी ऐसे पदार्थ द्वारा, जिसका श्वास में जाना या निगलना या रक्त में पहुंचना मानव शरीर के लिए हानिकारक है, या किसी जीवजन्तु द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §324उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 334 में उपबंध है, जो कोई असन, वेधन या काटने के किसी उपकरण द्वारा या किसी ऐसे उपकरण द्वारा जो यदि आक्रामक आयुध के तौर पर उपयोग में लाया जाए, तो उससे मॄत्यु कारित होना सम्भाव्य है, या अग्नि या किसी तप्त पदार्थ द्वारा, या किसी विष या किसी संक्षारक पदार्थ द्वारा या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा या किसी ऐसे पदार्थ द्वारा, जिसका श्वास में जाना या निगलना या रक्त में पहुंचना मानव शरीर के लिए हानिकारक है, या किसी जीवजन्तु द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
