किस उपबंध के अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 187(3) (दं.प्र.सं. 167(2))

डिफ़ॉल्ट जमानत का आवेदन — भा.ना.सु.सं. धारा 187(3) (दं.प्र.सं. धारा 167(2))

यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)

खाने भरिए

आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।

जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।

जैसे लिखी हैं वैसे ही — '318(4), 61(2) BNS'।

जिस दिन मजिस्ट्रेट ने पहली बार हिरासत में भेजा। यही दिन गिनती का पहला दिन है।

समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।

दस्तावेज़

साथ क्या लगाना है

  • पहली रिमांड के आदेश की प्रति — गिनती इसी तिथि से होती है।
  • एफ़आईआर की प्रति, ताकि धाराओं से 60 या 90 दिन की अवधि दिखे।
  • आवेदन उसी दिन दाखिल कीजिए जिस दिन अवधि पूरी हो — आरोप-पत्र पहले आ गया तो यह अधिकार समाप्त हो जाता है।
  • जमानतदार (प्रतिभू) तैयार रखिए। मुफ़्त वकील के लिए जेल के विधिक सहायता केंद्र या DLSA से संपर्क कीजिए।