किस उपबंध के अधीन: वाद से पहले माँग; सरकार के विरुद्ध सि.प्र.सं. धारा 80
क़ानूनी नोटिस — वाद से पहले माँग
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।
जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।
जैसे: पूरी रकम की वापसी, सामान बदलना, हर्जाना, मुक़दमे का ख़र्च — हर माँग अलग पंक्ति में, रकम सहित।
समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।
दस्तावेज़
क़ानूनी नोटिस
प्रेषक: ________________, ________________
प्रति: ________________, ________________
रजिस्टर्ड डाक / स्पीड पोस्ट द्वारा दिनांक: ________________
विषय: ________________ हेतु नोटिस
इसके अधीन: वाद से पहले माँग। सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध वाद से पहले दो माह का नोटिस अनिवार्य है — सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 80।
महोदय / महोदया,
1. मेरे और आपके बीच के संव्यवहार के तथ्य:
________________
2. आपसे देय राशि / अपेक्षित कार्य: ________________। राशि (यदि कोई): ₹________________।
3. अतः आपको यह नोटिस दिया जाता है कि इस नोटिस की प्राप्ति से ...... दिन के भीतर उपर्युक्त माँग पूरी करें, अन्यथा मैं आपके विरुद्ध उचित दीवानी और / या आपराधिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र रहूँगा / रहूँगी, जिसकी लागत और परिणाम के लिए आप उत्तरदायी होंगे।
4. इस नोटिस की एक प्रति मेरे अभिलेख में रखी गई है।
________________
स्थान: ________________साथ क्या लगाना है
- दावे के दस्तावेज़ों की प्रति (समझौता, बिल, पत्राचार) — मूल अपने पास।
- रजिस्टर्ड डाक / स्पीड पोस्ट की रसीद और ट्रैकिंग; नोटिस की एक प्रति।
- सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध: वाद से दो माह पहले धारा 80 का नोटिस अनिवार्य।
