किस उपबंध के अधीन: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 धारा 41
राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील — उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 41
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।
जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।
जिस तिथि से अपील या आवेदन की अवधि गिनी जाती है।
चेक क्यों दिया गया था, क्या बकाया था या नहीं, क्या भुगतान हो चुका है — तिथियों सहित। केवल वही लिखिए जो आप सिद्ध कर सकें।
हर आधार अलग पंक्ति में, क्रमांक सहित। तथ्य लिखिए, विशेषण नहीं।
जैसे: पूरी रकम की वापसी, सामान बदलना, हर्जाना, मुक़दमे का ख़र्च — हर माँग अलग पंक्ति में, रकम सहित।
दस्तावेज़
माननीय राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, ................................ के समक्ष
प्रथम अपील क्रमांक ........ वर्ष ........
________________, निवासी ________________ ...... अपीलार्थी
बनाम
________________, ________________ ...... प्रत्यर्थी
ज़िला उपभोक्ता आयोग, ________________ के परिवाद क्रमांक ________________ में दिनांक ________________ के आदेश के विरुद्ध अपील
इसके अधीन: धारा 41, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 — आदेश से 45 दिन के भीतर; जिस पक्ष को भुगतान का आदेश हुआ है, उसे आदेशित राशि का 50% जमा करना होता है (धारा 41 का परंतुक)।
अपीलार्थी सविनय निवेदन करता है:
1. ज़िला आयोग ने अपने आदेश में:
________________
2. यह आदेश निम्न आधारों पर त्रुटिपूर्ण है:
________________
3. आदेश की प्रमाणित प्रति दिनांक ........ को मिली; अपील समय-सीमा के भीतर है / विलंब क्षमा का आवेदन साथ में है।
प्रार्थना: ज़िला आयोग का आदेश अपास्त / संशोधित किया जाए और ________________।
अपीलार्थी / द्वारा अधिवक्ता
________________
स्थान: ________________
दिनांक: ________________साथ क्या लगाना है
- ज़िला आयोग के आदेश की प्रमाणित प्रति।
- भुगतान का आदेश आपके विरुद्ध है तो आदेशित राशि के 50% जमा का प्रमाण।
- 45 दिन बीत गए हों तो विलंब क्षमा का आवेदन और शपथपत्र।
- ई-जागृति पर ऑनलाइन दाखिल करें तो पीडीएफ़; हर प्रत्यर्थी के लिए प्रति।
