किस उपबंध के अधीन: भा.रि.बैंक परिपत्र, 6 जुलाई 2017
बैंक को शिकायत — अनधिकृत लेन-देन और भारतीय रिज़र्व बैंक की सीमित ज़िम्मेदारी
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।
जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।
पूरा नंबर लिखना ज़रूरी नहीं। अंतिम चार अंक पर्याप्त हैं।
इसी नंबर से बैंक पैसे का रास्ता पकड़ता है। ऐप से अक्षर-दर-अक्षर उतारिए।
समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।
दस्तावेज़
सेवा में,
शाखा प्रबंधक / नोडल अधिकारी (ग्राहक सेवा)
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विषय: दिनांक ________________ को हुए ₹________________ के अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन की शिकायत — शून्य/सीमित ज़िम्मेदारी का दावा तथा 10 कार्य-दिवस में राशि वापस खाते में डालने (शैडो रिवर्सल) का अनुरोध।
किस उपबंध के अधीन: भारतीय रिज़र्व बैंक का परिपत्र "Customer Protection — Limiting Liability of Customers in Unauthorised Electronic Banking Transactions", RBI/2017-18/15 DBR.No.Leg.BC.78/09.07.005/2017-18, दिनांक 6 जुलाई 2017, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क के अधीन जारी किया गया है।
महोदय/महोदया,
1. मैं ________________, निवासी ________________, आपके यहाँ खाता/कार्ड (अंतिम अंक ________________) रखता/रखती हूँ। मोबाइल ________________, ईमेल ________________।
2. दिनांक ________________ को मेरे खाते से ₹________________ का लेन-देन हुआ, जिसे मैंने न तो किया और न ही प्राधिकृत किया। लेन-देन की संदर्भ संख्या (UTR/RRN) ________________ है।
3. घटना का विवरण:
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4. जिस खाते/यूपीआई आईडी में राशि गई, उसका विवरण:
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5. मैंने यह लेन-देन आपके द्वारा भेजी गई सूचना मिलने के तीन कार्य-दिवस के भीतर बैंक को बताया है। मैंने अपना पिन, पासवर्ड, सीवीवी अथवा ओटीपी किसी को नहीं बताया। यह हानि मेरी किसी लापरवाही से नहीं हुई।
6. उपर्युक्त परिपत्र के अनुसार — जहाँ हानि तृतीय पक्ष की चूक (third-party breach) से हुई हो और ग्राहक ने बैंक की सूचना मिलने के तीन कार्य-दिवस के भीतर बैंक को अवगत करा दिया हो, वहाँ ग्राहक की ज़िम्मेदारी शून्य है। परिपत्र यह भी अपेक्षा करता है कि बैंक ग्राहक की सूचना की तारीख से 10 कार्य-दिवस के भीतर विवादित राशि खाते में डाल दे (शैडो रिवर्सल) और शिकायत का निपटारा 90 दिन के भीतर करे। ग्राहक की लापरवाही सिद्ध करने का भार बैंक पर है, ग्राहक पर नहीं।
अतः निवेदन है कि —
(क) ₹________________ की राशि 10 कार्य-दिवस के भीतर मेरे खाते में वापस डाली जाए;
(ख) इस शिकायत की पावती संख्या तथा उसकी लिखित प्रति मुझे दी जाए;
(ग) यदि बैंक मुझ पर कोई ज़िम्मेदारी डालता है तो उसका आधार लिखित में बताया जाए।
यदि 30 दिन में उत्तर नहीं मिलता या उत्तर संतोषजनक नहीं होता, तो मैं भारतीय रिज़र्व बैंक — एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 के अधीन शिकायत करूँगा/करूँगी। कृपया इस पत्र को उस योजना के प्रयोजन के लिए मेरी लिखित शिकायत माना जाए।
भवदीय,
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स्थान: ________________
दिनांक: ________________
संलग्नक: साथ लगी सूची के अनुसार।साथ क्या लगाना है
- स्टेटमेंट, जिसमें विवादित डेबिट और उसकी संदर्भ संख्या दिख रही हो।
- उस लेन-देन के एसएमएस और ईमेल अलर्ट, तथा ओटीपी के संदेश।
- cybercrime.gov.in / 1930 की पावती, और एफ़आईआर दर्ज हो चुकी है तो उसकी प्रति।
- पहचान-पत्र तथा कार्ड या पासबुक की छायाप्रति।
- शाखा में मुहर लगी पावती लीजिए, या ईमेल से भेजकर डिलीवरी रसीद रखिए। तीन कार्य-दिवस की गिनती इसी तारीख से सिद्ध होगी।
