डिजिटल अरेस्ट: वीडियो कॉल पर 'गिरफ्तारी' का डर दिखाकर वसूली
यह किसी एक असली पीड़ित का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि देश भर से आई हज़ारों मिलती-जुलती शिकायतों से बना एक मिश्रित उदाहरण है; यहाँ दी गई रकम सिर्फ़ यह बताती है कि नुकसान आम तौर पर किस स्तर का होता है, जबकि ठगी का तरीका, चेतावनी के संकेत और नीचे दी गई कानूनी धाराएँ असली हैं। भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई चीज़ है ही नहीं और कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या कस्टम अधिकारी बताकर घंटों कैमरे के सामने बैठाए रखते हैं और 'जाँच के लिए' पैसा ट्रांसफर करा लेते हैं। ऐसी कॉल पर सही जवाब सिर्फ़ एक है — फ़ोन काट देना।
- नुकसान
- ₹12 लाख
