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धारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग जो कोई बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का पिता या माता होते हुए, या ऐसे शिशु की देखरेख का भार रखते हुए, ऐसे शिशु का पूर्णतः परित्याग करने के आशय से उस शिशु को किसी स्थान में अरक्षित डाल देगा या…
पूरा पढ़ेंबारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
जो कोई भी बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे का पिता या माता हो, या ऐसे बच्चे की देखभाल करता हो, यदि वह बच्चे को पूरी तरह से त्यागने के इरादे से किसी स्थान पर छोड़ देता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। स्पष्टीकरण.—इस धारा का उद्देश्य अपराधी पर…
पूरा पढ़ेंधारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
चुराई हुई संपत्ति वह संपत्ति, जिसका कब्जा चोरी द्वारा, या उद्दापन द्वारा या लूट द्वारा अंतरित किया गया है, और वह संपत्ति, जिसका आपराधिक दुर्विनियोग किया गया है, या जिसके विषय में आपराधिक न्यासभंग किया गया है, चुराई हुई “संपत्ति” कहलाती है, चाहे वह अंतरण या वह दुर्विनियोग या न्यासभंग भारत के भीतर किया गया हो या बाहर ।…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 411 - चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो कोई किसी चुराई हुई संपत्ति को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, बेईमानी से प्राप्त करेगा या रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 412 - ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है
ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है जो कोई ऐसी चुराई गई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करेगा या रखे रखेगा, जिसके कब्जे के विषय में वह यह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह डकैती द्वारा अंतरित की गई है, अथवा किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसके संबंध में वह यह जानता है या विश्वास करने…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 413 - चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना
चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना जो कोई ऐसी संपत्ति, जिसके संबंध में वह यह जानता है, या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह चुराई हुई संपत्ति है, अभ्यासतः प्राप्त करेगा, या अभ्यासतः उसमें व्यवहार करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 414 - चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना
चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना जो कोई ऐसी संपत्ति को छिपाने में, या व्ययनित करने में, या इधर उधर करने में स्वेच्छया सहायता करेगा, जिसके विषय में वह यह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह चुराई हुई संपत्ति है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ें- IPC §317BNS §93
धारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
- IPC §410BNS §317(1)
धारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
चोरी की संपत्ति।
- IPC §411BNS §317(2)
धारा 411 - चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
चोरी की संपत्ति।
- IPC §412BNS §317(3)
धारा 412 - ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है
चोरी की संपत्ति।
- IPC §413BNS §317(4)
धारा 413 - चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना
चोरी की संपत्ति।
- IPC §414BNS §317(5)
धारा 414 - चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना
चोरी की संपत्ति।
