आईपीसी → बीएनएस
2 प्रविष्टियाँ
धारा 195A - किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकाना
किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकाना जो कोई किसी दूसरे व्यक्ति को, उसके शरीर, ख्याति या संपत्ति को, या ऐसे किसी व्यक्ति के शरीर या ख्याति को जिसमें वह व्यक्ति हितबद्ध है, यह कारित करने के आशय से कि वह व्यक्ति मिथ्या साक्ष्य दे, कोई क्षति करने की धमकी देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी…
पूरा पढ़ेंकिसी भी व्यक्ति को झूठी गवाही देने के लिए धमकाना।
(1) जो कोई किसी दूसरे व्यक्ति को उसकी जान, प्रतिष्ठा या संपत्ति को, या किसी ऐसे व्यक्ति की जान या प्रतिष्ठा को, जिसमें उस व्यक्ति का हित हो, इस इरादे से कि वह व्यक्ति झूठी गवाही दे, कोई हानि पहुँचाने की धमकी देता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से, जो सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित…
पूरा पढ़ेंधारा 232 - भारतीय सिक्के का कूटकरण
भारतीय सिक्के का कूटकरण जो कोई भारतीय सिक्के का कूटकरण करेगा या जानते हुए भारतीय सिक्के के कूटकरण की प्रक्रिया के किसी भाग को करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ें- IPC §195ABNS §232
धारा 195A - किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकाना
किसी भी व्यक्ति को झूठी गवाही देने के लिए धमकाना।
- IPC §232BNS §178
धारा 232 - भारतीय सिक्के का कूटकरण
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
