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धारा 153 - बल्वा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना
बल्वा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना जो कोई अवैध बात के करने द्वारा किसी व्यक्ति को परिद्वेष से या स्वैरिता से प्रकोपित इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि ऐसे प्रकोपन के परिणामस्वरूप बल्वे का अपराध किया जाएगा ; यदि बल्वा किया जाए--यदि ऐसे प्रकोपन के परिणामस्वरूप बल्वे का अपराध किया जाए, तो वह दोनों…
पूरा पढ़ेंजानबूझकर दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना - यदि दंगा होता है; यदि दंगा नहीं होता है।
जो कोई भी दुर्भावनापूर्वक या जानबूझकर कोई अवैध कार्य करके किसी व्यक्ति को उकसाता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि ऐसा उकसावा दंगा करने का अपराध का कारण बनेगा, तो यदि ऐसे उकसावे के परिणामस्वरूप दंगा किया जाता है, तो उसे एक वर्ष तक की कारावास की सजा, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; और यदि दंगा नहीं किया…
पूरा पढ़ेंधारा 192 - मिथ्या साक्ष्य गढ़ना
मिथ्या साक्ष्य गढ़ना जो कोई किसी परिस्थिति का अस्तित्व कारित करेगा, या किसी पुस्तक या अभिलेख या इलैक्ट्रानिक अभिलेख में कोई मिथ्या प्रविष्टि करेगा, या ऐसी कोई दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख बनाएगा, जिसमें कोई मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट हो, इस आशय से कि ऐसी परिस्थिति, मिथ्या प्रविष्टि या मिथ्या कथन, किसी न्यायिक कार्यवाही…
पूरा पढ़ेंझूठे सबूत गढ़ना।
जो कोई भी किसी परिस्थिति को उत्पन्न करता है या किसी पुस्तक, अभिलेख या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख में कोई झूठी प्रविष्टि करता है या कोई ऐसा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख बनाता है जिसमें झूठा कथन हो, इस इरादे से कि ऐसी परिस्थिति, झूठी प्रविष्टि या झूठा कथन किसी न्यायिक कार्यवाही में, या किसी लोक सेवक के समक्ष विधि द्वारा की…
पूरा पढ़ें- IPC §153BNS §192
धारा 153 - बल्वा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना
जानबूझकर दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना - यदि दंगा होता है; यदि दंगा नहीं होता है।
- IPC §192BNS §228
धारा 192 - मिथ्या साक्ष्य गढ़ना
झूठे सबूत गढ़ना।
