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धारा 84. कुर्की के प्रति दावे और आक्षेप
84. कुर्की के प्रति दावे और आक्षेप (1) यदि धारा 83 के अधीन कुर्क की गई किसी संपत्ति की कुर्की के प्रति कोई दावा ऐसी कुर्की की तारीख से छह मास के भीतर उद्घोषित व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा इस आधार पर किया जाता है या आक्षेप किया जाता है कि दावेदार या आक्षेपकर्ता का ऐसी संपत्ति में हित है और ऐसा हित धारा 83 के…
पूरा पढ़ेंकुर्की के संबंध में दावे और आपत्तियां।
(1) यदि धारा 85 के तहत कुर्क की गई किसी संपत्ति की कुर्की की तिथि से छह महीने के भीतर, उद्घोषित व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, इस आधार पर कोई दावा किया जाता है या कुर्की पर आपत्ति जताई जाती है कि दावेदार या आपत्तिकर्ता का ऐसी संपत्ति में हित है और ऐसा हित धारा 85 के तहत कुर्की के योग्य नहीं है, तो दावे या…
पूरा पढ़ेंधारा 87. समन के बदले में या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना
87. समन के बदले में या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना न्यायालय किसी ऐसे मामले में, जिसमें वह इस संहिता द्वारा किसी व्यक्ति की हाजिरी के लिए समन जारी करने को सशक्त किया गया है, अपने कारण लिखित रूप में अभिलिखित करने के पश्चात्, उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर सकेगा— (क) यदि ऐसे समन के जारी किए जाने से पहले,…
पूरा पढ़ेंसमन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट जारी करना।
न्यायालय, किसी भी ऐसे मामले में जिसमें इस संहिता द्वारा किसी व्यक्ति की उपस्थिति के लिए समन जारी करने के लिए सशक्त है, लिखित रूप में कारण दर्ज करने के बाद, उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी कर सकता है। (क) यदि, ऐसे समन जारी होने से पहले, या समन जारी होने के बाद लेकिन उसकी उपस्थिति के लिए निर्धारित समय से पहले, न्यायालय को…
पूरा पढ़ें- CRPC §84BNSS §87
धारा 84. कुर्की के प्रति दावे और आक्षेप
कुर्की के संबंध में दावे और आपत्तियां।
- CRPC §87BNSS §90
धारा 87. समन के बदले में या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना
समन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट जारी करना।
