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धारा 426. निकल भागे सिद्धदोष व्यक्ति के बारे में दंडादेश कब प्रभावी होगा
426. निकल भागे सिद्धदोष व्यक्ति के बारे में दंडादेश कब प्रभावी होगा (1) जब किसी निकल भागे सिद्धदोष व्यक्ति के बारे में इस संहिता के अधीन मृत्यु, आजीवन कारावास या जुर्माने का दंडादेश दिया जाता है, तब ऐसा दंडादेश, इससे पूर्व अंतर्विष्ट उपबंधों के अधीन रहते हुए, तुरंत प्रभावी होगा। (2) जब किसी निकल भागे सिद्धदोष व्यक्ति…
पूरा पढ़ेंफरार कैदी को दी गई सजा कब से प्रभावी होगी?
(1) जब इस संहिता के अंतर्गत किसी भगोड़े दोषी पर मृत्युदंड, आजीवन कारावास या जुर्माना की सजा सुनाई जाती है, तो ऐसी सजा, इसमें पूर्वोक्त प्रावधानों के अधीन रहते हुए, तुरंत प्रभावी होगी। (2) जब इस संहिता के अंतर्गत किसी भगोड़े अपराधी को एक निश्चित अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई जाती है, --- (क) यदि ऐसा दंड उस दंड से…
पूरा पढ़ेंधारा 466. दोष या त्रुटि से कुर्की का विधिविरुद्ध न होना
466. दोष या त्रुटि से कुर्की का विधिविरुद्ध न होना इस संहिता के अधीन की गई कोई कुर्की, समन, दोषसिद्धि, कुर्की की रिट या उससे संबंधित अन्य कार्यवाहियों में किसी दोष या रूप की कमी के कारण, विधिविरुद्ध नहीं समझी जाएगी, और न उसे करने वाला कोई व्यक्ति अतिचारी समझा जाएगा।
पूरा पढ़ेंदोष या त्रुटि के कारण कुर्की गैरकानूनी नहीं होनी चाहिए।
इस संहिता के अंतर्गत की गई कोई भी कुर्की, और न ही कुर्की करने वाले किसी व्यक्ति को, समन, दोषसिद्धि, कुर्की के आदेश या उससे संबंधित अन्य कार्यवाही में किसी दोष या औपचारिकता की कमी के कारण अतिक्रमणकारी माना जाएगा।
पूरा पढ़ें- CRPC §426BNSS §466
धारा 426. निकल भागे सिद्धदोष व्यक्ति के बारे में दंडादेश कब प्रभावी होगा
फरार कैदी को दी गई सजा कब से प्रभावी होगी?
- CRPC §466BNSS §512
धारा 466. दोष या त्रुटि से कुर्की का विधिविरुद्ध न होना
दोष या त्रुटि के कारण कुर्की गैरकानूनी नहीं होनी चाहिए।
