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धारा 424. कारावास के दंडादेश के निष्पादन का निलंबन
424. कारावास के दंडादेश के निष्पादन का निलंबन (1) जब किसी अपराधी को केवल जुर्माने का और जुर्माने के संदाय में व्यतिक्रम होने पर कारावास का दंडादेश दिया गया है और जुर्माना तुरंत नहीं दिया जाता है, तब न्यायालय— (क) आदेश दे सकेगा कि जुर्माना या तो आदेश की तारीख से तीस दिन से अनधिक किसी तारीख को या उससे पूर्व पूर्णतः…
पूरा पढ़ेंकारावास की सजा के क्रियान्वयन को स्थगित करना।
(1) जब किसी अपराधी को केवल जुर्माने की सजा सुनाई गई हो और जुर्माना न अदा करने पर कारावास की सजा दी गई हो, और जुर्माना तुरंत अदा न किया गया हो, तो न्यायालय--- (क) यह आदेश दिया जा सकता है कि जुर्माना या तो आदेश की तारीख से तीस दिनों से अधिक की तारीख तक पूरा देय होगा, या दो या तीन किस्तों में देय होगा, जिनमें से पहली…
पूरा पढ़ेंधारा 464. आरोप की विरचना का लोप, या आरोप के अभाव, या आरोप में त्रुटि का प्रभाव
464. आरोप की विरचना का लोप, या आरोप के अभाव, या आरोप में त्रुटि का प्रभाव (1) सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय का कोई निष्कर्ष, दंडादेश या आदेश केवल इस आधार पर अविधिमान्य नहीं समझा जाएगा कि कोई आरोप विरचित नहीं किया गया था, अथवा आरोप में किसी त्रुटि, लोप या अनियमितता के, जिसके अंतर्गत आरोपों का कुसंयोजन भी है, आधार पर,…
पूरा पढ़ेंआरोप तय करने में चूक, आरोप का अभाव या आरोप में त्रुटि का प्रभाव।
(1) सक्षम न्यायालय द्वारा दिया गया कोई भी निर्णय, सजा या आदेश केवल इस आधार पर अमान्य नहीं माना जाएगा कि कोई आरोप निर्धारित नहीं किया गया था या आरोप में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता के आधार पर, जिसमें आरोपों का गलत संयोजन भी शामिल है, जब तक कि अपील, पुष्टि या पुनरीक्षण न्यायालय की राय में, वास्तव में न्याय में विफलता…
पूरा पढ़ें- CRPC §424BNSS §464
धारा 424. कारावास के दंडादेश के निष्पादन का निलंबन
कारावास की सजा के क्रियान्वयन को स्थगित करना।
- CRPC §464BNSS §510
धारा 464. आरोप की विरचना का लोप, या आरोप के अभाव, या आरोप में त्रुटि का प्रभाव
आरोप तय करने में चूक, आरोप का अभाव या आरोप में त्रुटि का प्रभाव।
