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धारा 353. निर्णय
353. निर्णय (1) मूल अधिकारिता वाले किसी दंड न्यायालय में प्रत्येक विचारण में निर्णय, विचारण की समाप्ति के तुरंत पश्चात् या किसी पश्चात्वर्ती समय पर, जिसकी सूचना पक्षकारों या उनके अधिवक्ताओं को दी जाएगी, पीठासीन अधिकारी द्वारा खुले न्यायालय में सुनाया जाएगा,— (क) संपूर्ण निर्णय देकर; या (ख) संपूर्ण निर्णय पढ़कर; या (ग)…
पूरा पढ़ेंनिर्णय।
(1) मूल अधिकार क्षेत्र वाले किसी भी आपराधिक न्यायालय में प्रत्येक मुकदमे का निर्णय मुकदमे की समाप्ति के तुरंत बाद या उसके बाद पैंतालीस दिनों से अधिक समय के भीतर खुली अदालत में पीठासीन अधिकारी द्वारा सुनाया जाएगा, जिसकी सूचना पक्षकारों या उनके अधिवक्ताओं को दी जाएगी,--- (क) संपूर्ण निर्णय सुनाकर; या (ख) पूरे फैसले को…
पूरा पढ़ेंधारा 392. वह प्रक्रिया जहां अपील न्यायालय के न्यायाधीश समान रूप से विभाजित हैं
392. वह प्रक्रिया जहां अपील न्यायालय के न्यायाधीश समान रूप से विभाजित हैं जब इस अध्याय के अधीन कोई अपील उच्च न्यायालय द्वारा न्यायाधीशों की न्यायपीठ के समक्ष सुनी जाती है और उनकी राय विभाजित है, तब वह अपील, उनकी रायों सहित, उस न्यायालय के किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष रखी जाएगी, और वह न्यायाधीश, ऐसी सुनवाई के पश्चात्…
पूरा पढ़ेंधारा 433: प्रक्रिया जहां अपील न्यायालय के न्यायाधीशों को समान रूप से विभाजित किया जाता है
433. जब इस अध्याय के तहत किसी अपील की सुनवाई उच्च न्यायालय द्वारा न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष की जाती है और उनकी राय अलग-अलग होती है, तो अपील, उनकी राय के साथ, उस न्यायालय के किसी अन्य न्यायाधीश और उस न्यायाधीश के समक्ष ऐसी सुनवाई के बाद रखी जाएगी। जैसा वह उचित समझे, अपनी राय देगा, और निर्णय या आदेश उस राय का पालन…
पूरा पढ़ें- CRPC §353BNSS §392
धारा 353. निर्णय
निर्णय।
- CRPC §392BNSS §433
धारा 392. वह प्रक्रिया जहां अपील न्यायालय के न्यायाधीश समान रूप से विभाजित हैं
धारा 433: प्रक्रिया जहां अपील न्यायालय के न्यायाधीशों को समान रूप से विभाजित किया जाता है
