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धारा 295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र
295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र जब इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के अनुक्रम में किसी न्यायालय को कोई आवेदन किया जाता है और उसमें किसी लोक सेवक के बारे में अभिकथन किए जाते हैं, तब आवेदक आवेदन में अभिकथित तथ्यों का साक्ष्य शपथपत्र द्वारा दे सकेगा, और न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, यह…
पूरा पढ़ेंलोक सेवकों के आचरण के प्रमाण स्वरूप शपथ पत्र।
जब इस संहिता के अंतर्गत किसी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के दौरान किसी न्यायालय में कोई आवेदन किया जाता है और उसमें किसी लोक सेवक के संबंध में आरोप लगाए जाते हैं, तो आवेदक हलफनामे के माध्यम से आवेदन में लगाए गए तथ्यों का साक्ष्य दे सकता है, और न्यायालय, यदि उचित समझे, तो ऐसे तथ्यों से संबंधित साक्ष्य देने का आदेश…
पूरा पढ़ेंधारा 331. जांच या विचारण का पुनः आरंभ
331. जांच या विचारण का पुनः आरंभ (1) जब कभी कोई जांच या विचारण धारा 328 या धारा 329 के अधीन स्थगित किया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय, जैसी भी स्थिति हो, संबंधित व्यक्ति के विकृतचित्त न रह जाने के पश्चात् किसी भी समय जांच या विचारण पुनः आरंभ कर सकेगा और अपेक्षा कर सकेगा कि अभियुक्त ऐसे मजिस्ट्रेट या न्यायालय के…
पूरा पढ़ेंजांच या मुकदमे की पुनः शुरुआत।
(1) जब भी धारा 367 या धारा 368 के तहत कोई जांच या मुकदमा स्थगित किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, संबंधित व्यक्ति के मानसिक रूप से अस्वस्थ न रहने के बाद किसी भी समय जांच या मुकदमे को पुनः शुरू कर सकता है और आरोपी को ऐसे मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने या लाए जाने का आदेश दे सकता…
पूरा पढ़ें- CRPC §295BNSS §331
धारा 295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र
लोक सेवकों के आचरण के प्रमाण स्वरूप शपथ पत्र।
- CRPC §331BNSS §370
धारा 331. जांच या विचारण का पुनः आरंभ
जांच या मुकदमे की पुनः शुरुआत।
