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धारा 220. एक से अधिक अपराधों के लिए विचारण
220. एक से अधिक अपराधों के लिए विचारण (1) यदि आपस में इस प्रकार संसक्त कार्यों की, कि वे एक ही संव्यवहार बनते हैं, एक ही शृंखला में एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक अपराध किए जाते हैं, तो उस पर ऐसे प्रत्येक अपराध के लिए आरोप लगाया जा सकेगा और उनका विचारण एक ही विचारण में किया जा सकेगा। (2) जब किसी व्यक्ति पर, जिस पर…
पूरा पढ़ेंएक से अधिक अपराधों के लिए मुकदमा।
(1) यदि एक ही लेन-देन बनाने के लिए आपस में जुड़े कृत्यों की एक श्रृंखला में एक से अधिक अपराध एक ही व्यक्ति द्वारा किए जाते हैं, तो उस पर प्रत्येक ऐसे अपराध के लिए आरोप लगाया जा सकता है और एक ही मुकदमे में मुकदमा चलाया जा सकता है। (2) जब किसी व्यक्ति पर धारा 235 की उपधारा (2) या धारा 242 की उपधारा (1) में दिए गए…
पूरा पढ़ेंधारा 243. प्रतिरक्षा के लिए साक्ष्य
243. प्रतिरक्षा के लिए साक्ष्य (1) तब अभियुक्त से यह अपेक्षा की जाएगी कि वह अपनी प्रतिरक्षा आरंभ करे और अपना साक्ष्य पेश करे; और यदि अभियुक्त कोई लिखित कथन देता है, तो मजिस्ट्रेट उसे अभिलेख के साथ फाइल करेगा। (2) यदि अभियुक्त, अपनी प्रतिरक्षा आरंभ कर देने के पश्चात्, मजिस्ट्रेट से यह आवेदन करता है कि वह किसी साक्षी की…
पूरा पढ़ेंबचाव पक्ष के साक्ष्य।
(1) इसके बाद अभियुक्त को अपना बचाव करने और अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा; और यदि अभियुक्त कोई लिखित बयान देता है, तो मजिस्ट्रेट उसे अभिलेख में दर्ज करेगा। (2) यदि अभियुक्त, अपना बचाव प्रस्तुत करने के बाद, किसी गवाह की परीक्षा या जिरह के उद्देश्य से उसकी उपस्थिति को बाध्य करने, या किसी दस्तावेज या अन्य…
पूरा पढ़ें- CRPC §220BNSS §243
धारा 220. एक से अधिक अपराधों के लिए विचारण
एक से अधिक अपराधों के लिए मुकदमा।
- CRPC §243BNSS §266
धारा 243. प्रतिरक्षा के लिए साक्ष्य
बचाव पक्ष के साक्ष्य।
