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धारा 166. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी कब अन्य अधिकारी से तलाशी-वारंट जारी करने की अपेक्षा कर सकता है
166. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी कब अन्य अधिकारी से तलाशी-वारंट जारी करने की अपेक्षा कर सकता है (1) किसी पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी या अन्वेषण करने वाला उपनिरीक्षक की पंक्ति से अनिम्न कोई पुलिस अधिकारी, किसी अन्य पुलिस थाने के, चाहे वह उसी जिले में हो या भिन्न जिले में, भारसाधक अधिकारी से किसी ऐसे मामले में किसी…
पूरा पढ़ेंजब पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी किसी अन्य अधिकारी से तलाशी वारंट जारी करने की मांग कर सकता है।
(1) किसी पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी या उप-निरीक्षक से कम रैंक का कोई पुलिस अधिकारी जो जांच कर रहा हो, वह किसी अन्य पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी से, चाहे वह उसी जिले में हो या किसी भिन्न जिले में, किसी भी स्थान पर तलाशी करवाने का आदेश दे सकता है, ऐसे किसी भी मामले में जिसमें पूर्व अधिकारी अपने स्टेशन की सीमा के…
पूरा पढ़ेंधारा 186. संदेह की दशा में उच्च न्यायालय द्वारा यह विनिश्चित किया जाना कि जांच या विचारण किस जिले में होगा
186. संदेह की दशा में उच्च न्यायालय द्वारा यह विनिश्चित किया जाना कि जांच या विचारण किस जिले में होगा जहां दो या अधिक न्यायालयों ने एक ही अपराध का संज्ञान कर लिया है और यह प्रश्न उठता है कि उनमें से किस न्यायालय को उस अपराध की जांच या विचारण करना चाहिए, वहां वह प्रश्न इस प्रकार विनिश्चित किया जाएगा— (क) यदि वे…
पूरा पढ़ेंसंदेह की स्थिति में, उच्च न्यायालय उस जिले का निर्णय करेगा जहां जांच या मुकदमा चलेगा।
जहां दो या दो से अधिक न्यायालयों ने एक ही अपराध का संज्ञान लिया हो और यह प्रश्न उठे कि उनमें से कौन सा न्यायालय उस अपराध की जांच करे या उस पर मुकदमा चलाए, तो प्रश्न का निर्णय इस प्रकार किया जाएगा— (क) यदि न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय के अधीन हैं, तो उस उच्च न्यायालय द्वारा; (ख) यदि न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय के अधीन…
पूरा पढ़ें- CRPC §166BNSS §186
धारा 166. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी कब अन्य अधिकारी से तलाशी-वारंट जारी करने की अपेक्षा कर सकता है
जब पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी किसी अन्य अधिकारी से तलाशी वारंट जारी करने की मांग कर सकता है।
- CRPC §186BNSS §206
धारा 186. संदेह की दशा में उच्च न्यायालय द्वारा यह विनिश्चित किया जाना कि जांच या विचारण किस जिले में होगा
संदेह की स्थिति में, उच्च न्यायालय उस जिले का निर्णय करेगा जहां जांच या मुकदमा चलेगा।
