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2 प्रविष्टियाँ
सत्यता की जांच करने वाले प्रश्नों के उत्तरों का खंडन करने वाले साक्ष्यों को अस्वीकार करना।
जब किसी गवाह से कोई ऐसा प्रश्न पूछा गया हो और उसने उसका उत्तर दिया हो जो जांच से केवल इस हद तक संबंधित हो कि वह उसके चरित्र को नुकसान पहुंचाकर उसकी साख को धूमिल करता हो, तो उसे खंडित करने के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जाएगा; लेकिन, यदि वह झूठा उत्तर देता है, तो बाद में उस पर झूठी गवाही देने का आरोप लगाया जा…
पूरा पढ़ेंसत्यवादिता परखने के प्रश्नों के उत्तरों का खण्डन करने के लिए साक्ष्य का अपवर्जन
जबकि किसी साक्षी से ऐसा कोई प्रश्न पूछा गया हो, जो जाँच से केवल वहीं तक सुसंगत है जहाँ तक कि वह उसके शील को क्षति पहुंचाकर उसकी विश्वसनीयता को धक्का पहुंचाने की प्रवृत्ति रखता है, और उसने उसका उत्तर दे दिया हो, तब उसका खण्डन करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया जाएगा; किन्तु यदि वह मिथ्या उत्तर देता है, तो तत्पश्चात् उस…
पूरा पढ़ेंप्रासंगिक तथ्यों के साक्ष्य की पुष्टि करने वाले प्रश्न स्वीकार्य हैं।
जब कोई गवाह, जिसकी गवाही की पुष्टि करनी हो, किसी प्रासंगिक तथ्य के संबंध में साक्ष्य देता है, तो उससे उन अन्य परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की जा सकती है जिन्हें उसने उस समय या स्थान पर या उसके आसपास देखा हो, जहां वह प्रासंगिक तथ्य घटित हुआ था, यदि न्यायालय की राय है कि ऐसी परिस्थितियां, यदि सिद्ध हो जाती हैं, तो उस…
पूरा पढ़ेंसुसंगत तथ्य के साक्ष्य की सम्पुष्टि करने की प्रवृत्ति रखने वाले प्रश्न ग्राह्य होंगे
जबकि कोई साक्षी, जिसकी संपुष्टि करना आशयित हो, किसी सुसंगत तथ्य का साक्ष्य देता है, तब उससे ऐसी अन्य किन्हीं भी परिस्थितियों के बारे में प्रश्न किया जा सकेगा, जिन्हें उसने उस समय या स्थान पर, या के निकट सम्प्रेक्षित किया, जिस पर ऐसा सुसंगत तथ्य घटित हुआ, यदि न्यायालय की यह राय ंहो कि परिस्थितियाँ, यदि वे साबित हो जाएँ…
पूरा पढ़ें- BSA §156IEA §153
सत्यता की जांच करने वाले प्रश्नों के उत्तरों का खंडन करने वाले साक्ष्यों को अस्वीकार करना।
सत्यवादिता परखने के प्रश्नों के उत्तरों का खण्डन करने के लिए साक्ष्य का अपवर्जन
- BSA §159IEA §156
प्रासंगिक तथ्यों के साक्ष्य की पुष्टि करने वाले प्रश्न स्वीकार्य हैं।
सुसंगत तथ्य के साक्ष्य की सम्पुष्टि करने की प्रवृत्ति रखने वाले प्रश्न ग्राह्य होंगे
