बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
आगे की जांच कराने या अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने का निर्देश देने का अधिकार।
(1) यदि ऐसी कार्यवाही प्रस्तुत किए जाने पर उच्च न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि दोषी व्यक्ति के अपराध या निर्दोषता से संबंधित किसी बिंदु पर आगे की जाँच की जानी चाहिए या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने चाहिए, तो वह स्वयं ऐसी जाँच कर सकता है या ऐसा साक्ष्य ले सकता है, या सत्र न्यायालय द्वारा ऐसा करने या लेने का निर्देश दे…
पूरा पढ़ेंधारा 367. आगे जांच किए जाने या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने का निदेश देने की शक्ति
367. आगे जांच किए जाने या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने का निदेश देने की शक्ति (1) यदि, जब ऐसी कार्यवाहियां प्रस्तुत की जाती हैं, उच्च न्यायालय यह समझता है कि दोषसिद्ध व्यक्ति के दोष या निर्दोषिता पर प्रभाव डालने वाले किसी बिंदु के बारे में आगे जांच की जानी चाहिए या उस पर अतिरिक्त साक्ष्य लिया जाना चाहिए, तो वह ऐसी जांच…
पूरा पढ़ेंसत्र न्यायाधीश को मामलों और अपीलों को स्थानांतरित करने का अधिकार है।
(1) जब भी किसी सत्र न्यायाधीश को यह प्रतीत हो कि इस उपधारा के तहत कोई आदेश न्याय के हित में उचित है, तो वह आदेश दे सकता है कि किसी विशेष मामले को उसके सत्र प्रभाग में एक आपराधिक न्यायालय से दूसरे आपराधिक न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया जाए। (2) सत्र न्यायाधीश निचली अदालत की रिपोर्ट पर, या किसी हितधारक के आवेदन पर, या…
पूरा पढ़ेंधारा 408. मामलों और अपीलों को अंतरित करने की सत्र न्यायाधीश की शक्ति
408. मामलों और अपीलों को अंतरित करने की सत्र न्यायाधीश की शक्ति (1) जब कभी किसी सत्र न्यायाधीश को यह प्रतीत कराया जाता है कि इस उपधारा के अधीन कोई आदेश न्याय के उद्देश्यों के लिए समीचीन है, तब वह यह आदेश दे सकेगा कि कोई विशिष्ट मामला उसके सत्र खंड के एक दंड न्यायालय से दूसरे दंड न्यायालय को अंतरित कर दिया जाए। (2)…
पूरा पढ़ें- BNSS §408CRPC §367
आगे की जांच कराने या अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने का निर्देश देने का अधिकार।
धारा 367. आगे जांच किए जाने या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने का निदेश देने की शक्ति
- BNSS §448CRPC §408बदलाव हुआ
सत्र न्यायाधीश को मामलों और अपीलों को स्थानांतरित करने का अधिकार है।
धारा 408. मामलों और अपीलों को अंतरित करने की सत्र न्यायाधीश की शक्ति
