बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
वह प्रक्रिया जिसमें न्यायालय यह मानता है कि मामले को धारा 384 के तहत नहीं निपटाया जाना चाहिए।
(1) यदि न्यायालय किसी मामले में यह विचार करे कि धारा 384 में निर्दिष्ट किसी अपराध के लिए आरोपित व्यक्ति, जिसने उसकी दृष्टि या उपस्थिति में अपराध किया है, को जुर्माने के भुगतान में चूक के अलावा किसी अन्य कारण से कारावास दिया जाना चाहिए, या उस पर दो सौ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाना चाहिए, या न्यायालय किसी अन्य…
पूरा पढ़ेंधारा 346. जहां न्यायालय यह समझता है कि मामले में धारा 345 के अधीन कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए वहां प्रक्रिया
346. जहां न्यायालय यह समझता है कि मामले में धारा 345 के अधीन कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए वहां प्रक्रिया (1) यदि न्यायालय किसी मामले में यह समझता है कि धारा 345 में निर्दिष्ट और उसकी दृष्टि या उपस्थिति में किए गए किसी अपराध का अभियुक्त व्यक्ति जुर्माने के संदाय में व्यतिक्रम के कारण से अन्यथा कारावासित किया जाना चाहिए,…
पूरा पढ़ेंउन अपीलों की सुनवाई की प्रक्रिया जिन्हें संक्षेप में खारिज नहीं किया गया है।
(1) यदि अपीलीय न्यायालय अपील को संक्षेप में खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की सूचना देगा जहाँ ऐसी अपील की सुनवाई होगी--- (i) अपीलकर्ता या उसके अधिवक्ता को; (ii) ऐसे अधिकारी को जिसे राज्य सरकार इस संबंध में नियुक्त करे; (iii) यदि अपील किसी शिकायत पर दायर मामले में दोषसिद्धि के निर्णय से है, तो शिकायतकर्ता…
पूरा पढ़ेंधारा 385. उन अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया जो संक्षेपतः खारिज नहीं की जातीं
385. उन अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया जो संक्षेपतः खारिज नहीं की जातीं (1) यदि अपील न्यायालय अपील को संक्षेपतः खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की, जिस पर ऐसी अपील सुनी जाएगी, सूचना— (i) अपीलार्थी या उसके प्लीडर को; (ii) ऐसे अधिकारी को, जिसे राज्य सरकार इस निमित्त नियुक्त करे; (iii) यदि अपील परिवाद पर…
पूरा पढ़ें- BNSS §385CRPC §346
वह प्रक्रिया जिसमें न्यायालय यह मानता है कि मामले को धारा 384 के तहत नहीं निपटाया जाना चाहिए।
धारा 346. जहां न्यायालय यह समझता है कि मामले में धारा 345 के अधीन कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए वहां प्रक्रिया
- BNSS §426CRPC §385
उन अपीलों की सुनवाई की प्रक्रिया जिन्हें संक्षेप में खारिज नहीं किया गया है।
धारा 385. उन अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया जो संक्षेपतः खारिज नहीं की जातीं
