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2 प्रविष्टियाँ
यह संचार सद्भावना से किया गया था।
सद्भावना से किया गया कोई भी संचार, उस व्यक्ति को होने वाली किसी भी हानि के कारण अपराध नहीं है, यदि वह संचार उस व्यक्ति के लाभ के लिए किया गया हो। चित्रण । सर्जन ए ने सद्भावनापूर्वक एक मरीज को अपनी राय बताई कि वह जीवित नहीं रह सकता। इस सदमे के कारण मरीज की मृत्यु हो गई। ए ने कोई अपराध नहीं किया, हालांकि वह जानता था कि…
पूरा पढ़ेंधारा 93 - सद्भावपूरवक दी गई संसूचना
सद्भावपूरवक दी गई संसूचना सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना उस अपहानि के कारण अपराध नहीं है, जो उस व्यक्ति की हो जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई हो । द्रष्टांत : क, एक शल्यचिकित्सक, एक रोगी को सद्भावपूर्वक यह संसूचित कर्ता है कि उसकी राय में वह जीवित नहीं रह सकता । इस आघात के परिणामस्वरूप उस रोगी की…
पूरा पढ़ेंबारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
जो कोई भी बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे का पिता या माता हो, या ऐसे बच्चे की देखभाल करता हो, यदि वह बच्चे को पूरी तरह से त्यागने के इरादे से किसी स्थान पर छोड़ देता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। स्पष्टीकरण.—इस धारा का उद्देश्य अपराधी पर…
पूरा पढ़ेंधारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग जो कोई बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का पिता या माता होते हुए, या ऐसे शिशु की देखरेख का भार रखते हुए, ऐसे शिशु का पूर्णतः परित्याग करने के आशय से उस शिशु को किसी स्थान में अरक्षित डाल देगा या…
पूरा पढ़ें- BNS §31IPC §93
यह संचार सद्भावना से किया गया था।
धारा 93 - सद्भावपूरवक दी गई संसूचना
- BNS §93IPC §317
बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
धारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
