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14 प्रविष्टियाँ
सामान्य स्पष्टीकरण।
(1) इस संहिता में अपराध की प्रत्येक परिभाषा, प्रत्येक दंड प्रावधान और ऐसी प्रत्येक परिभाषा या दंड प्रावधान के प्रत्येक उदाहरण को सामान्य अपवाद नामक अध्याय में निहित अपवादों के अधीन समझा जाएगा, भले ही वे अपवाद ऐसी परिभाषा, दंड प्रावधान या उदाहरण में दोहराए न गए हों। चित्र। (क) इस संहिता में अपराधों की परिभाषाएँ देने…
पूरा पढ़ेंधारा 27 - “पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति”
“पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति” जबकि सम्पत्ति किसी व्यक्ति के निमित्त उस व्यक्ति की पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में है, तब वह इस संहिता के अर्थ के अन्तर्गत उस व्यक्ति के कब्जे में है । स्पष्टीकरण - लिपिक या सेवक के नाते अस्थाई रूप से या किसी विशिष्ट अवसर पर नियोजित व्यक्ति इस धारा के अर्थ के अन्तर्गत…
पूरा पढ़ेंकिसी बच्चे या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के हित में, अभिभावक द्वारा या अभिभावक की सहमति से सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।
बारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के लाभ के लिए, अभिभावक या उस व्यक्ति के वैध रूप से प्रभारी अन्य व्यक्ति की स्पष्ट या निहित सहमति से, सद्भावनापूर्वक किया गया कोई भी कार्य, उस व्यक्ति को होने वाली किसी भी हानि के कारण, या कर्ता द्वारा उस व्यक्ति को पहुँचाने के इरादे से किए गए कार्य के…
पूरा पढ़ेंधारा 89 - संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य
संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य कोई बात, जो बारह वर्ष से कम आयु के या विकृतचित्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक उसके संरक्षक के, या विधिपूर्ण भारसाधक किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा, या की अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति से, की जाए, किसी ऐसी अपहानि…
पूरा पढ़ेंसार्वजनिक उपद्रव।
कोई व्यक्ति सार्वजनिक उपद्रव का दोषी होता है यदि वह कोई ऐसा कार्य करता है या किसी अवैध चूक का दोषी है जिससे आम जनता या आस-पास के क्षेत्र में रहने वाले या संपत्ति पर कब्जा करने वाले लोगों को कोई सामान्य चोट, खतरा या असुविधा होती है, या जिससे सार्वजनिक अधिकार का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से चोट, बाधा,…
पूरा पढ़ेंधारा 268 - लोक न्यूसेन्स
लोक न्यूसेन्स वह व्यक्ति लोक न्यूसेन्स का दोषी है, जो कोई ऐसा कार्य करता है या किसी ऐसे अवैध लोप का दोषी है, जिससे लोक को या जनसाधारण को जो आसपास में रहते हों या आसपास की सम्पत्ति पर अधिभोग रखते हों, कोई सामान्य क्षति, संकट या क्षोभ कारित हो या जिससे उन व्यक्तियों का जिन्हें किसी लोक अधिकार को उपयोग में लाने का मौका…
पूरा पढ़ेंलापरवाही भरा कृत्य जिससे जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना हो।
जो कोई भी गैरकानूनी रूप से या लापरवाही से ऐसा कोई कार्य करता है, जिसके बारे में वह जानता है या मानने का कारण है कि ऐसा कार्य जीवन के लिए खतरनाक किसी बीमारी के संक्रमण को फैला सकता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 269 - उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो जो कोई विधिविरुद्ध रूप से या उपेक्षा से ऐसा कोई कार्य करेगा, जिससे कि और जिससे वह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि, जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोग का संक्रम फैलना संभाव्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह…
पूरा पढ़ेंघातक कृत्य जिससे जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना हो।
जो कोई भी दुर्भावनापूर्वक ऐसा कोई कार्य करता है, जिसके बारे में वह जानता है या मानने का कारण है कि ऐसा कार्य जीवन के लिए घातक किसी बीमारी के संक्रमण को फैला सकता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 270 - परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो जो कोई परिद्वेष से ऐसा कोई कार्य करेगा जिससे कि, और जिससे वह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि, जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोक का संक्रम फैलना संभाव्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी,…
पूरा पढ़ेंक्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन।
जो कोई भी जानबूझकर सरकार द्वारा किसी परिवहन साधन को संगरोध की स्थिति में रखने, या संगरोध की स्थिति में ऐसे किसी परिवहन के आवागमन को विनियमित करने, या संक्रामक रोग से प्रभावित स्थानों और अन्य स्थानों के बीच आवागमन को विनियमित करने के लिए बनाए गए किसी भी नियम का उल्लंघन करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने…
पूरा पढ़ेंधारा 271 - करन्तीन के नियम की अवज्ञा
करन्तीन के नियम की अवज्ञा जो कोई किसी जलयान को करन्तीन की स्थिति में रखे जाने के, या करन्तीन की स्थिति वाले जलयानों का किनारे से या अन्य जलयानों से समागम विनियमित करने के, या ऐसे स्थानों के, जहां कोई संक्रामक रोग फैल रहा हो और अन्य स्थानों के बीच समागम विनियमित करने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए और प्रख्यापित किसी नियम…
पूरा पढ़ेंबिक्री के लिए रखे गए खाद्य या पेय पदार्थों में मिलावट।
जो कोई भी खाद्य या पेय पदार्थ में मिलावट करता है, जिससे वह खाद्य या पेय पदार्थ के रूप में हानिकारक हो जाए, और उसे खाद्य या पेय पदार्थ के रूप में बेचने का इरादा रखता हो, या यह जानते हुए कि उसके खाद्य या पेय पदार्थ के रूप में बिकने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या पांच हजार…
पूरा पढ़ेंधारा 272 - विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय का अपमिश्रण
विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय का अपमिश्रण जो कोई किसी खाने या पीने की वस्तु को इस आशय से कि वह ऐसी वस्तु के खाद्य या पेय के रूप में बेचे या यह संभाव्य जानते हुए कि वह खाद्य या पेय के रूप में बेची जाएगी, ऐसे अपमिश्रित करेगा कि ऐसी वस्तु खाद्य या पेय के रूप में अपायकर बन जाए वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से,…
पूरा पढ़ेंहानिकारक खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों की बिक्री।
जो कोई भी किसी ऐसी वस्तु को, जो हानिकारक हो गई हो या खाने-पीने के लिए अनुपयुक्त अवस्था में हो, जानबूझकर या यह जानते हुए कि वह खाने-पीने के लिए हानिकारक है, भोजन या पेय के रूप में बेचता है, या बेचने की पेशकश करता है या प्रदर्शित करता है, उसे छह महीने तक की कारावास की सजा, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से…
पूरा पढ़ेंधारा 273 - अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय
अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय जो कोई किसी ऐसी वस्तु को, जो अपायकर कर दी गई हो, या हो गई हो, या खाने पीने के लिए अनुपयुक्त दशा में हो, यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह खाद्य या पेय के रूप में अपायकर है, खाद्य या पेय के रूप में बेचेगा, या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा,…
पूरा पढ़ेंदवाओं में मिलावट।
जो कोई भी किसी औषधि या औषधीय तैयारी में इस प्रकार मिलावट करता है जिससे उसकी प्रभावकारिता कम हो जाए या उसका कार्य बदल जाए, या वह हानिकारक हो जाए, और ऐसा करने का इरादा हो कि उसे किसी औषधीय प्रयोजन के लिए बेचा या इस्तेमाल किया जाएगा, या यह जानते हुए कि ऐसा होने की संभावना है, मानो उसमें मिलावट न की गई हो, तो उसे किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 274 - औषधियों का अपमिश्रण
औषधियों का अपमिश्रण जो कोई किसी औषधि या भेषजीय निर्मिति में अपमिश्रण इस आशय से कि या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह किसी ओषधीय प्रयोजन के लिए ऐसे बेची जाएगी या उपयोग की जाएगी, मानो उसमें ऐसा अपमिश्रण न हुआ हो, ऐसे प्रकार से करेगा कि उस ओषधि या भेषजीय निर्मिति की प्रभावकारिता कम हो जाए, क्रिया बदल जाए या वह अपायकर हो जाए,…
पूरा पढ़ेंमिलावटी दवाओं की बिक्री।
जो कोई भी किसी औषधि या औषधीय तैयारी में इस प्रकार मिलावट होने की जानकारी रखते हुए, जिससे उसकी प्रभावकारिता कम हो जाए, उसका कार्य बदल जाए या वह हानिकारक हो जाए, उसे बेचता है, या बिक्री के लिए पेश करता है या प्रदर्शित करता है, या किसी औषधालय से उसे शुद्ध बताकर औषधीय प्रयोजनों के लिए जारी करता है, या मिलावट से अनभिज्ञ…
पूरा पढ़ेंधारा 275 - अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय
अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय जो कोई यह जानते हुए कि किसी ओषधी या भेषजीय निर्मिति में इस प्रकार से अपमिश्रण किया गया है कि उसकी प्रभावकारिता कम हो गई या उसकी क्रिया बदल गई है, या वह अपायकर बन गई है, उसे बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा, या किसी ओषधालय से ओषधीय प्रयोजनों के लिए उसे…
पूरा पढ़ेंकिसी अन्य दवा या औषधि के रूप में किसी अन्य औषधि की बिक्री।
जो कोई भी जानबूझकर किसी औषधि या औषधीय तैयारी को किसी भिन्न औषधि या औषधीय तैयारी के रूप में बेचता है, या बिक्री के लिए पेश करता है या प्रदर्शित करता है, या औषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से जारी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित…
पूरा पढ़ेंधारा 276 - ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय जो कोई किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति को, भिन्न औषधि या भेषजीय निर्मिति के तौर पर जानते हुए बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या औषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो…
पूरा पढ़ेंसार्वजनिक जलस्रोत या जलाशय के पानी को प्रदूषित करना।
जो कोई भी स्वेच्छा से किसी सार्वजनिक झरने या जलाशय के पानी को दूषित या प्रदूषित करता है, जिससे वह उस उद्देश्य के लिए कम उपयुक्त हो जाता है जिसके लिए इसका सामान्यतः उपयोग किया जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 277 - लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना जो कोई किसी लोक जल-स्रोत या जलाशय के जल को स्वेच्छया इस प्रकार भ्रष्ट या कलुषित करेगा कि वह उस प्रयोजन के लिए, जिसके लिए वह मामूली तौर पर उपयोग में आता हो, कम उपयोगी हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ…
पूरा पढ़ेंवातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना।
जो कोई भी जानबूझकर किसी स्थान के वातावरण को इस प्रकार दूषित करता है जिससे वह आसपास रहने वाले या व्यवसाय करने वाले लोगों या सार्वजनिक मार्ग से गुजरने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाए, उसे एक हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना
वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना जो कोई किसी स्थान के वायुमण्डल को स्वेच्छया इस प्रकार दूषित करेगा कि वह जन साधारण के स्वास्थ्य के लिए, जो पड़ोस में निवास या कारबार करते हों, या लोक मार्ग से आते जाते हों अपायकर बन जाए, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंसार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से गाड़ी चलाना या सवारी करना।
जो कोई भी सार्वजनिक मार्ग पर किसी वाहन को इस प्रकार लापरवाही या गैरजिम्मेदाराना तरीके से चलाता है या उस पर सवार होता है जिससे मानव जीवन को खतरा हो या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या क्षति पहुंचने की संभावना हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए या एक हजार रुपये तक के जुर्माने से या दोनों से दंडित…
पूरा पढ़ेंधारा 279 - लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना
लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना जो कोई किसी लोक मार्ग पर ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से कोई वाहन चालएगा या सवार होकर हांकेगा जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो जाए या किसी अन्य व्यक्ति को उपहति या क्षति कारित होना सम्भाव्य हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने…
पूरा पढ़ें- BNS §3(3)IPC §27
सामान्य स्पष्टीकरण।
धारा 27 - “पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति”
- BNS §27IPC §89
किसी बच्चे या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के हित में, अभिभावक द्वारा या अभिभावक की सहमति से सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।
धारा 89 - संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य
- BNS §270IPC §268
सार्वजनिक उपद्रव।
धारा 268 - लोक न्यूसेन्स
- BNS §271IPC §269
लापरवाही भरा कृत्य जिससे जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना हो।
धारा 269 - उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
- BNS §272IPC §270
घातक कृत्य जिससे जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना हो।
धारा 270 - परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
- BNS §273IPC §271
क्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन।
धारा 271 - करन्तीन के नियम की अवज्ञा
- BNS §274IPC §272बदलाव हुआ
बिक्री के लिए रखे गए खाद्य या पेय पदार्थों में मिलावट।
धारा 272 - विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय का अपमिश्रण
- BNS §275IPC §273बदलाव हुआ
हानिकारक खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों की बिक्री।
धारा 273 - अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय
- BNS §276IPC §274बदलाव हुआ
दवाओं में मिलावट।
धारा 274 - औषधियों का अपमिश्रण
- BNS §277IPC §275बदलाव हुआ
मिलावटी दवाओं की बिक्री।
धारा 275 - अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय
- BNS §278IPC §276बदलाव हुआ
किसी अन्य दवा या औषधि के रूप में किसी अन्य औषधि की बिक्री।
धारा 276 - ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
- BNS §279IPC §277बदलाव हुआ
सार्वजनिक जलस्रोत या जलाशय के पानी को प्रदूषित करना।
धारा 277 - लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
- BNS §280IPC §278बदलाव हुआ
वातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना।
धारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना
- BNS §281IPC §279
सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से गाड़ी चलाना या सवारी करना।
धारा 279 - लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना
