बीएनएस → आईपीसी
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किसी लोक सेवक को उसकी वैध शक्ति का दुरुपयोग करके किसी अन्य व्यक्ति को हानि पहुंचाने के इरादे से झूठी सूचना देना।
जो कोई भी किसी लोक सेवक को ऐसी कोई जानकारी देता है जिसे वह जानता हो या मानता हो कि वह झूठी है, और ऐसा करने का उसका इरादा हो, या यह जानते हुए कि ऐसा करने से ऐसे लोक सेवक को झूठी सूचना मिलने की संभावना है— (क) ऐसा कोई कार्य करना या न करना जो ऐसे लोक सेवक को नहीं करना चाहिए था या नहीं करना चाहिए था यदि उसे उस जानकारी से…
पूरा पढ़ेंधारा 182 - इस आशय से मिथ्या इत्तिला देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की क्षति के लिए करे
इस आशय से मिथ्या इत्तिला देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की क्षति के लिए करे जो कोई किसी लोक सेवक को कोई ऐसी इत्तिला देगा, जिसका मिथ्या होना वह जानता है या विश्वास करता है, इस आशय से कि तद्द्वारा वह ऐसे लोक सेवक से यह कराए, या यह जानते हुए कि तद्द्वारा वह ऐसे लोक सेवक से यह कराएगा यह…
पूरा पढ़ेंधारा 255. लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा ।
255. जो कोई लोक सेवक होते हुए विधि के ऐसे किसी निदेश की, जो उस संबंध में हो कि उससे ऐसे लोक सेवक के नाते किस दंग का आचरण करना चाहिए, जानते हुए अवज्ञा किसी व्यक्ति को वैध दंड से बचाने के आशय से या संभाव्यत: तदद्वारा बचाएगा यह जानते हुए या उतने दंड की अपेक्षा, जिससे वह दंडनीय है, तदद्वारा कम दंड दिलवाएगा यह संभाव्य…
पूरा पढ़ेंधारा 217 - लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा जो कोई लोक सेवक होते हुए विधि के ऐसे किसी निदेश की, जो उस संबंध में हो कि उससे ऐसे लोक सेवक के नाते किस ढंग का आचरण करना चाहिए, जानते हुए अवज्ञा किसी व्यक्ति को वैध दंड से बचाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा…
पूरा पढ़ें- BNS §217IPC §182बदलाव हुआ
किसी लोक सेवक को उसकी वैध शक्ति का दुरुपयोग करके किसी अन्य व्यक्ति को हानि पहुंचाने के इरादे से झूठी सूचना देना।
धारा 182 - इस आशय से मिथ्या इत्तिला देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की क्षति के लिए करे
- BNS §255IPC §217
धारा 255. लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा ।
धारा 217 - लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
