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असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के का यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकॄत है, भारत में आयात करेगा या भारत से निर्यात करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंकिसी कथन को असत्य जानते हुए भी उसे सत्य मान लेना।
जो कोई भी इस प्रकार के किसी भी कथन को, यह जानते हुए कि वह किसी भी महत्वपूर्ण बिंदु में झूठा है, भ्रष्ट तरीके से सत्य के रूप में उपयोग करता है या उपयोग करने का प्रयास करता है, उसे उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने झूठी गवाही दी हो। स्पष्टीकरण। —कोई घोषणा जो केवल किसी अनौपचारिकता के आधार पर अस्वीकार्य है, धारा…
पूरा पढ़ेंधारा 200 - ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए सच्ची के रूप में काम में लाना
ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए सच्ची के रूप में काम में लाना जो कोई किसी ऐसी घोषणा को, यह जानते हुए कि वह किसी तात्विक बात के संबंध में मिथ्या है, भ्रष्टतापूर्वक सच्ची के रूप में उपयोग में लाएगा, या उपयोग में लाने का प्रयत्न करेगा, वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो । स्पष्टीकरण - कोई…
पूरा पढ़ें- BNS §179IPC §237
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
- BNS §237IPC §200
किसी कथन को असत्य जानते हुए भी उसे सत्य मान लेना।
धारा 200 - ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए सच्ची के रूप में काम में लाना
