PBPT Act 50अध्याय VI · Special Courts
धारा 50 · विशेष न्यायालय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [50. विशेष न्यायालय। --(1) केंद्र सरकार, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके, इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध के परीक्षण के लिए, अधिसूचना द्वारा, एक या एक से अधिक सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालय या विशेष न्यायालयों के रूप में ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए या ऐसे मामले या वर्ग या मामलों के समूह के लिए नामित करेगी, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) इस अधिनियम के तहत किसी अपराध की सुनवाई करते समय, विशेष न्यायालय उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपराध के अतिरिक्त किसी अन्य अपराध की भी सुनवाई करेगा, जिसके लिए अभियुक्त पर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के तहत उसी सुनवाई में आरोप लगाया जा सकता है।
(3) विशेष न्यायालय इस अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा जब तक कि लिखित शिकायत न दी जाए--
(i) प्राधिकरण; या
(ii) केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई अधिकारी जिसे उस सरकार द्वारा इस संबंध में जारी किए गए सामान्य या विशेष आदेश द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किया गया हो।
(4) इस धारा के अंतर्गत प्रत्येक मुकदमे का संचालन यथाशीघ्र किया जाएगा और विशेष न्यायालय द्वारा शिकायत दर्ज होने की तिथि से छह महीने के भीतर मुकदमे को समाप्त करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।]
(2) इस अधिनियम के तहत किसी अपराध की सुनवाई करते समय, विशेष न्यायालय उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपराध के अतिरिक्त किसी अन्य अपराध की भी सुनवाई करेगा, जिसके लिए अभियुक्त पर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के तहत उसी सुनवाई में आरोप लगाया जा सकता है।
(3) विशेष न्यायालय इस अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा जब तक कि लिखित शिकायत न दी जाए--
(i) प्राधिकरण; या
(ii) केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई अधिकारी जिसे उस सरकार द्वारा इस संबंध में जारी किए गए सामान्य या विशेष आदेश द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किया गया हो।
(4) इस धारा के अंतर्गत प्रत्येक मुकदमे का संचालन यथाशीघ्र किया जाएगा और विशेष न्यायालय द्वारा शिकायत दर्ज होने की तिथि से छह महीने के भीतर मुकदमे को समाप्त करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।]
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