NIMHNSB Act 14
धारा 14 · संस्थान के कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
धारा 13 में निर्दिष्ट उद्देश्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्थान निम्नलिखित कार्य कर सकता है:
(क) आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और अन्य संबद्ध विज्ञानों, जिनमें भौतिक और जैविक विज्ञान शामिल हैं, में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षण की व्यवस्था करना;
(ख) ऐसे विज्ञानों की विभिन्न शाखाओं में अनुसंधान के लिए सुविधाएं प्रदान करना;
(ग) मानविकी विषयों के शिक्षण की व्यवस्था करना;
(घ) स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर चिकित्सा शिक्षा की नई विधियों में प्रयोग करना, ताकि ऐसी शिक्षा का उच्च स्तर प्राप्त किया जा सके;
(ई) स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों अध्ययनों के लिए पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या निर्दिष्ट करना;
(f) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, स्थापित करना और बनाए रखना,--
(i) एक या एक से अधिक चिकित्सा संस्थान जिनमें विभिन्न विभागों में कर्मचारी और उपकरण हों जो विभिन्न विषयों में शिक्षा प्रदान करने और अनुसंधान करने में सक्षम हों,
(ii) नैदानिक सेवाएं प्रदान करने के लिए एक या एक से अधिक सुसज्जित अस्पताल,
(iii) नर्सों के प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों और उपकरणों से सुसज्जित नर्सिंग कॉलेज,
(iv) ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्र जो संस्थान के चिकित्सा और नर्सिंग छात्रों के क्षेत्र प्रशिक्षण के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे, और
(v) विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य कर्मियों जैसे फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और विभिन्न प्रकार के मेडिकल तकनीशियनों के प्रशिक्षण के लिए अन्य संस्थान;
(जी) भारत के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से प्रशिक्षित शिक्षक;
(h) स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा, नर्सिंग और संबद्ध विशिष्टताओं की शिक्षा में परीक्षा आयोजित करना और ऐसी डिग्री, डिप्लोमा और अन्य शैक्षणिक उपाधियाँ और पद प्रदान करना जैसा कि विनियमों में निर्धारित किया जा सकता है;
(i) विनियमों के अनुसार प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर और अन्य प्रकार के पदों पर व्यक्तियों को नियुक्त करना और उन्हें पदभार ग्रहण कराना;
(j) सरकार से अनुदान प्राप्त करना तथा दानदाताओं, परोपकारियों, वसीयतकर्ताओं या हस्तांतरणकर्ताओं से चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों के उपहार, दान, परोपकार, वसीयत और हस्तांतरण प्राप्त करना;
(k) संस्थान से संबंधित या उसमें निहित किसी भी संपत्ति से इस प्रकार व्यवहार करना जो धारा 12 में निर्दिष्ट उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक समझा जाए;
(एल) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से ऐसे शुल्क और अन्य प्रभारों की मांग करना और उन्हें प्राप्त करना, जैसा कि निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(m) अपने कर्मचारियों के लिए आवासों का निर्माण करे तथा इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार कर्मचारियों को ऐसे आवास आवंटित करे;
(n) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से संस्थान की संपत्ति की सुरक्षा पर धन उधार लेना;
(ओ) धारा 13 में निर्दिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक सभी अन्य कार्य और चीजें करना।
(क) आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और अन्य संबद्ध विज्ञानों, जिनमें भौतिक और जैविक विज्ञान शामिल हैं, में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षण की व्यवस्था करना;
(ख) ऐसे विज्ञानों की विभिन्न शाखाओं में अनुसंधान के लिए सुविधाएं प्रदान करना;
(ग) मानविकी विषयों के शिक्षण की व्यवस्था करना;
(घ) स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर चिकित्सा शिक्षा की नई विधियों में प्रयोग करना, ताकि ऐसी शिक्षा का उच्च स्तर प्राप्त किया जा सके;
(ई) स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों अध्ययनों के लिए पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या निर्दिष्ट करना;
(f) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, स्थापित करना और बनाए रखना,--
(i) एक या एक से अधिक चिकित्सा संस्थान जिनमें विभिन्न विभागों में कर्मचारी और उपकरण हों जो विभिन्न विषयों में शिक्षा प्रदान करने और अनुसंधान करने में सक्षम हों,
(ii) नैदानिक सेवाएं प्रदान करने के लिए एक या एक से अधिक सुसज्जित अस्पताल,
(iii) नर्सों के प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों और उपकरणों से सुसज्जित नर्सिंग कॉलेज,
(iv) ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्र जो संस्थान के चिकित्सा और नर्सिंग छात्रों के क्षेत्र प्रशिक्षण के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे, और
(v) विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य कर्मियों जैसे फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और विभिन्न प्रकार के मेडिकल तकनीशियनों के प्रशिक्षण के लिए अन्य संस्थान;
(जी) भारत के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से प्रशिक्षित शिक्षक;
(h) स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा, नर्सिंग और संबद्ध विशिष्टताओं की शिक्षा में परीक्षा आयोजित करना और ऐसी डिग्री, डिप्लोमा और अन्य शैक्षणिक उपाधियाँ और पद प्रदान करना जैसा कि विनियमों में निर्धारित किया जा सकता है;
(i) विनियमों के अनुसार प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर और अन्य प्रकार के पदों पर व्यक्तियों को नियुक्त करना और उन्हें पदभार ग्रहण कराना;
(j) सरकार से अनुदान प्राप्त करना तथा दानदाताओं, परोपकारियों, वसीयतकर्ताओं या हस्तांतरणकर्ताओं से चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों के उपहार, दान, परोपकार, वसीयत और हस्तांतरण प्राप्त करना;
(k) संस्थान से संबंधित या उसमें निहित किसी भी संपत्ति से इस प्रकार व्यवहार करना जो धारा 12 में निर्दिष्ट उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक समझा जाए;
(एल) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से ऐसे शुल्क और अन्य प्रभारों की मांग करना और उन्हें प्राप्त करना, जैसा कि निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(m) अपने कर्मचारियों के लिए आवासों का निर्माण करे तथा इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार कर्मचारियों को ऐसे आवास आवंटित करे;
(n) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से संस्थान की संपत्ति की सुरक्षा पर धन उधार लेना;
(ओ) धारा 13 में निर्दिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक सभी अन्य कार्य और चीजें करना।
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