MPR Act 22अध्याय III · Gram Panchayats
धारा 22 · ग्राम पंचायतों के सदस्यों का चुनाव न हो पाने की स्थिति में और अन्य मामलों में प्रशासनिक समिति या प्रशासक की नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) (क) यदि उपायुक्त संतुष्ट हो कि किसी ग्राम या ग्राम समूह के लिए ग्राम पंचायत की स्थापना के तुरंत बाद निम्नलिखित कारणों से ग्राम पंचायत का गठन नहीं किया जा सकता है--
(i) ग्राम पंचायत के सदस्यों के चुनाव कराने में कोई कठिनाई; या
(ii) धारा 17 के तहत आयोजित लगातार दो चुनावों में ऐसे सदस्यों को निर्वाचित करने में विफलता; या
(iii) कोई अन्य पर्याप्त कारण; या
(ख) यदि किसी ग्राम पंचायत के आम चुनाव में कोई भी सदस्य निर्वाचित न हो या कुल सदस्यों के दो-तिहाई से कम सदस्य निर्वाचित हों, तो उपायुक्त अधिसूचना द्वारा या तो,--
(i) निर्वाचित होने के योग्य व्यक्तियों से मिलकर एक प्रशासनिक समिति नियुक्त करना, ऐसे व्यक्तियों की संख्या धारा 17 के अधीन निर्धारित सदस्यों की संख्या के बराबर होगी; या
(ii) प्रशासक नियुक्त करना।
(2) प्रशासनिक समिति के सदस्य या प्रशासक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेंगे जो छह माह से अधिक न हो, जैसा कि उपायुक्त उप-धारा (1) के अंतर्गत अधिसूचना में निर्दिष्ट कर सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत किसी प्रशासनिक समिति या प्रशासक की नियुक्ति होने पर, ऐसी नियुक्ति से पहले ग्राम पंचायत के सदस्य के रूप में चुने गए व्यक्ति, यदि कोई हों, ग्राम पंचायत के सदस्य नहीं रहेंगे और ग्राम पंचायत की सभी शक्तियां और कर्तव्य ऐसी प्रशासनिक समिति या प्रशासक द्वारा, जैसा भी मामला हो, प्रयोग और निष्पादित किए जाएंगे।
(4) पूर्वगामी प्रावधानों में किसी भी बात के होते हुए भी, प्रशासनिक समिति या प्रशासक को इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए विधिवत गठित ग्राम पंचायत माना जाएगा।
बशर्ते कि यदि उपधारा (1) के अधीन प्रशासनिक समिति या प्रशासक की नियुक्ति के बाद किसी भी समय उपायुक्त संतुष्ट हो कि सदस्यों के चुनाव द्वारा ग्राम पंचायत का विधिवत गठन करने में कोई कठिनाई नहीं है, तो उपायुक्त, यद्यपि प्रशासनिक समिति या प्रशासक के सदस्यों की नियुक्ति का कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है, अधिसूचना द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि प्रशासनिक समिति या प्रशासक के सदस्य, जैसा भी मामला हो, ऐसी अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से पद छोड़ देंगे।
(i) ग्राम पंचायत के सदस्यों के चुनाव कराने में कोई कठिनाई; या
(ii) धारा 17 के तहत आयोजित लगातार दो चुनावों में ऐसे सदस्यों को निर्वाचित करने में विफलता; या
(iii) कोई अन्य पर्याप्त कारण; या
(ख) यदि किसी ग्राम पंचायत के आम चुनाव में कोई भी सदस्य निर्वाचित न हो या कुल सदस्यों के दो-तिहाई से कम सदस्य निर्वाचित हों, तो उपायुक्त अधिसूचना द्वारा या तो,--
(i) निर्वाचित होने के योग्य व्यक्तियों से मिलकर एक प्रशासनिक समिति नियुक्त करना, ऐसे व्यक्तियों की संख्या धारा 17 के अधीन निर्धारित सदस्यों की संख्या के बराबर होगी; या
(ii) प्रशासक नियुक्त करना।
(2) प्रशासनिक समिति के सदस्य या प्रशासक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेंगे जो छह माह से अधिक न हो, जैसा कि उपायुक्त उप-धारा (1) के अंतर्गत अधिसूचना में निर्दिष्ट कर सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत किसी प्रशासनिक समिति या प्रशासक की नियुक्ति होने पर, ऐसी नियुक्ति से पहले ग्राम पंचायत के सदस्य के रूप में चुने गए व्यक्ति, यदि कोई हों, ग्राम पंचायत के सदस्य नहीं रहेंगे और ग्राम पंचायत की सभी शक्तियां और कर्तव्य ऐसी प्रशासनिक समिति या प्रशासक द्वारा, जैसा भी मामला हो, प्रयोग और निष्पादित किए जाएंगे।
(4) पूर्वगामी प्रावधानों में किसी भी बात के होते हुए भी, प्रशासनिक समिति या प्रशासक को इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए विधिवत गठित ग्राम पंचायत माना जाएगा।
बशर्ते कि यदि उपधारा (1) के अधीन प्रशासनिक समिति या प्रशासक की नियुक्ति के बाद किसी भी समय उपायुक्त संतुष्ट हो कि सदस्यों के चुनाव द्वारा ग्राम पंचायत का विधिवत गठन करने में कोई कठिनाई नहीं है, तो उपायुक्त, यद्यपि प्रशासनिक समिति या प्रशासक के सदस्यों की नियुक्ति का कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है, अधिसूचना द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि प्रशासनिक समिति या प्रशासक के सदस्य, जैसा भी मामला हो, ऐसी अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से पद छोड़ देंगे।
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