MWPSC Act 5अध्याय II · Maintenance of Parents and Senior Citizens
धारा 5 · रखरखाव के लिए आवेदन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 4 के तहत भरण-पोषण के लिए आवेदन किया जा सकता है--
(क) वरिष्ठ नागरिक या अभिभावक द्वारा, जैसा भी मामला हो; या
(ख) यदि वह अक्षम हो, तो उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य व्यक्ति या संगठन द्वारा; या
(ग) न्यायाधिकरण स्वतः संज्ञान ले सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए "संगठन" से तात्पर्य सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत पंजीकृत किसी स्वैच्छिक संघ से है।
(2) इस धारा के तहत भरण-पोषण के लिए मासिक भत्ते से संबंधित कार्यवाही लंबित रहने के दौरान, न्यायाधिकरण ऐसे बच्चों या रिश्तेदारों को ऐसे वरिष्ठ नागरिक (माता-पिता सहित) के अंतरिम भरण-पोषण के लिए मासिक भत्ता देने और न्यायाधिकरण द्वारा समय-समय पर निर्देशित किए जाने पर ऐसे वरिष्ठ नागरिक (माता-पिता सहित) को उसका भुगतान करने का आदेश दे सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत भरण-पोषण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, बच्चों या रिश्तेदार को आवेदन की सूचना देने के बाद और पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, भरण-पोषण की राशि निर्धारित करने के लिए जांच आयोजित करें।
(4) उपधारा (2) के अंतर्गत कार्यवाही के लिए भरण-पोषण एवं व्यय हेतु मासिक भत्ते हेतु दायर आवेदन का निपटारा ऐसे व्यक्ति को आवेदन की सूचना प्राप्त होने की तिथि से नब्बे दिनों के भीतर किया जाएगा:
बशर्ते कि न्यायाधिकरण असाधारण परिस्थितियों में लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर उक्त अवधि को अधिकतम तीस दिनों की अवधि के लिए एक बार बढ़ा सकता है।
(5) उपधारा (1) के अंतर्गत भरण-पोषण हेतु आवेदन एक या एक से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध दाखिल किया जा सकता है:
बशर्ते कि ऐसे बच्चे या रिश्तेदार भरण-पोषण के आवेदन में माता-पिता का भरण-पोषण करने के लिए उत्तरदायी दूसरे व्यक्ति को पक्षकार बना सकते हैं।
(6) जहां एक से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध भरण-पोषण आदेश जारी किया गया था, उनमें से किसी एक की मृत्यु अन्य व्यक्तियों के भरण-पोषण का भुगतान जारी रखने के दायित्व को प्रभावित नहीं करती है।
(7) कार्यवाही के लिए भरण-पोषण एवं व्यय हेतु ऐसा कोई भत्ता आदेश की तिथि से, या यदि ऐसा आदेश दिया गया हो, तो भरण-पोषण एवं कार्यवाही के व्यय हेतु आवेदन की तिथि से, जैसा भी मामला हो, देय होगा।
(8) यदि आदेशित संतान या रिश्तेदार पर्याप्त कारण के बिना आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, तो ऐसा कोई न्यायाधिकरण आदेश के प्रत्येक उल्लंघन के लिए, जुर्माने वसूलने के लिए निर्धारित तरीके से देय राशि वसूलने हेतु वारंट जारी कर सकता है, और वारंट के निष्पादन के बाद बकाया रहने वाले भरण-पोषण एवं कार्यवाही व्यय के लिए प्रत्येक माह के भत्ते की पूरी या किसी भाग राशि के लिए ऐसे व्यक्ति को एक माह तक या भुगतान होने तक, जो भी पहले हो, कारावास की सजा दे सकता है:
बशर्ते कि इस धारा के तहत देय किसी भी राशि की वसूली के लिए कोई वारंट तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक कि देय होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर ऐसी राशि वसूलने के लिए न्यायाधिकरण को आवेदन न किया जाए।
(क) वरिष्ठ नागरिक या अभिभावक द्वारा, जैसा भी मामला हो; या
(ख) यदि वह अक्षम हो, तो उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य व्यक्ति या संगठन द्वारा; या
(ग) न्यायाधिकरण स्वतः संज्ञान ले सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए "संगठन" से तात्पर्य सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत पंजीकृत किसी स्वैच्छिक संघ से है।
(2) इस धारा के तहत भरण-पोषण के लिए मासिक भत्ते से संबंधित कार्यवाही लंबित रहने के दौरान, न्यायाधिकरण ऐसे बच्चों या रिश्तेदारों को ऐसे वरिष्ठ नागरिक (माता-पिता सहित) के अंतरिम भरण-पोषण के लिए मासिक भत्ता देने और न्यायाधिकरण द्वारा समय-समय पर निर्देशित किए जाने पर ऐसे वरिष्ठ नागरिक (माता-पिता सहित) को उसका भुगतान करने का आदेश दे सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत भरण-पोषण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, बच्चों या रिश्तेदार को आवेदन की सूचना देने के बाद और पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, भरण-पोषण की राशि निर्धारित करने के लिए जांच आयोजित करें।
(4) उपधारा (2) के अंतर्गत कार्यवाही के लिए भरण-पोषण एवं व्यय हेतु मासिक भत्ते हेतु दायर आवेदन का निपटारा ऐसे व्यक्ति को आवेदन की सूचना प्राप्त होने की तिथि से नब्बे दिनों के भीतर किया जाएगा:
बशर्ते कि न्यायाधिकरण असाधारण परिस्थितियों में लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर उक्त अवधि को अधिकतम तीस दिनों की अवधि के लिए एक बार बढ़ा सकता है।
(5) उपधारा (1) के अंतर्गत भरण-पोषण हेतु आवेदन एक या एक से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध दाखिल किया जा सकता है:
बशर्ते कि ऐसे बच्चे या रिश्तेदार भरण-पोषण के आवेदन में माता-पिता का भरण-पोषण करने के लिए उत्तरदायी दूसरे व्यक्ति को पक्षकार बना सकते हैं।
(6) जहां एक से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध भरण-पोषण आदेश जारी किया गया था, उनमें से किसी एक की मृत्यु अन्य व्यक्तियों के भरण-पोषण का भुगतान जारी रखने के दायित्व को प्रभावित नहीं करती है।
(7) कार्यवाही के लिए भरण-पोषण एवं व्यय हेतु ऐसा कोई भत्ता आदेश की तिथि से, या यदि ऐसा आदेश दिया गया हो, तो भरण-पोषण एवं कार्यवाही के व्यय हेतु आवेदन की तिथि से, जैसा भी मामला हो, देय होगा।
(8) यदि आदेशित संतान या रिश्तेदार पर्याप्त कारण के बिना आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, तो ऐसा कोई न्यायाधिकरण आदेश के प्रत्येक उल्लंघन के लिए, जुर्माने वसूलने के लिए निर्धारित तरीके से देय राशि वसूलने हेतु वारंट जारी कर सकता है, और वारंट के निष्पादन के बाद बकाया रहने वाले भरण-पोषण एवं कार्यवाही व्यय के लिए प्रत्येक माह के भत्ते की पूरी या किसी भाग राशि के लिए ऐसे व्यक्ति को एक माह तक या भुगतान होने तक, जो भी पहले हो, कारावास की सजा दे सकता है:
बशर्ते कि इस धारा के तहत देय किसी भी राशि की वसूली के लिए कोई वारंट तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक कि देय होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर ऐसी राशि वसूलने के लिए न्यायाधिकरण को आवेदन न किया जाए।
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