OCS Rules 29अध्याय VI · Appeals
धारा 29 · अपीलों पर विचार
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(1)
नियम 13 में निर्दिष्ट किसी भी दंड को लागू करने वाले आदेश के विरुद्ध अपील की स्थिति में अपीलीय प्राधिकारी निम्नलिखित बातों पर विचार करेगा:(क)
क्या इन नियमों में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किया गया है और यदि नहीं, तो क्या ऐसे गैर-अनुपालन के परिणामस्वरूप संविधान के किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है या न्याय में विफलता हुई है;(ख)
क्या निष्कर्ष न्यायसंगत हैं; और(ग)
क्या लगाया गया दंड अत्यधिक, पर्याप्त या अपर्याप्त है; और, यदि मामले में आयोग से परामर्श आवश्यक हो, तो उससे परामर्श करने के बाद आदेश पारित करना।(i)
अपीलीय प्राधिकारी कोई ऐसी बढ़ी हुई सजा नहीं लगाएगा जिसे न तो ऐसा प्राधिकारी और न ही वह प्राधिकारी जिसने अपील के विरुद्ध आदेश दिया है, उस मामले में लगाने के लिए सक्षम है;(ii)
बढ़ी हुई सजा लगाने का कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि अपीलकर्ता को ऐसी बढ़ी हुई सजा के खिलाफ कोई अभ्यावेदन करने का अवसर न दिया जाए; और(iii)
यदि अपीलीय प्राधिकारी द्वारा प्रस्तावित बढ़ी हुई सजा नियम 13 के खंड (vi) से (ix) में निर्दिष्ट सजाओं में से एक है और मामले में नियम 15 के तहत कोई जांच पहले से नहीं की गई है, तो अपीलीय प्राधिकारी नियम 18 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए स्वयं ऐसी जांच करेगा या ऐसी जांच कराने का निर्देश देगा और उसके बाद ऐसी जांच की कार्यवाही पर विचार करने के बाद और अपीलकर्ता को ऐसी सजा के विरुद्ध कोई अभ्यावेदन करने का अवसर देने के बाद, ऐसे आदेश पारित करेगा जो वह उचित समझे।(2)
नियम 23 में निर्दिष्ट किसी आदेश के विरुद्ध अपील की स्थिति में अपीलीय प्राधिकारी मामले की सभी परिस्थितियों पर विचार करेगा और ऐसे आदेश पारित करेगा जो वह उचित और न्यायसंगत समझे।इस धारा पर आपका निजी नोट
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