CCMOLA 3
धारा 3 · सदस्यों द्वारा पालन की जाने वाली आचार संहिता
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
- उड़ीसा विधानसभा के सभी सदस्य निम्नलिखित आचार संहिता का पालन करेंगे। 1. सदन की बैठक के दौरान कोई सदस्य... II. अध्ययन यात्रा के दौरान - विधानमंडल समितियों के सदस्यों की अध्ययन यात्राओं के दौरान निम्नलिखित आचार संहिता का पालन किया जा सकता है:- (क) यात्राओं के दौरान मध्यवर्ती यात्राओं से बचना चाहिए; (ख) जब समिति के दौरों के दौरान सरकार/उपक्रमों द्वारा परिवहन प्रदान किया जाता है, तो ऐसे परिवहन का उपयोग समिति के कार्य के लिए किया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सदस्यों द्वारा दूरस्थ निजी यात्राओं के लिए; (ग) दौरों के दौरान, सदस्यों को उचित गरिमा और शिष्टाचार बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि किसी भी तरह से समिति की आलोचना न की जाए; (i) आधिकारिक दौरे/यात्राओं के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को कोई प्रेस साक्षात्कार नहीं देना चाहिए या कोई बयान जारी नहीं करना चाहिए। केवल प्रतिनिधिमंडल के नेताओं को ही प्रेस बयान देने या साक्षात्कार देने का अधिकार है। III. शिष्टाचार के सामान्य नियम - सदस्यों को सार्वजनिक जीवन के उच्च मानकों को बनाए रखना चाहिए और इस प्रकार शिष्टाचार के निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए।
(i)
सदन के कामकाज के अलावा किसी भी पुस्तक, समाचार पत्र, पत्र को नहीं पढ़ेगा;(ii)
किसी भी सदस्य के बोलते समय अव्यवस्थित अभिव्यक्ति या शोर या किसी अन्य अव्यवस्थित तरीके से बाधा नहीं डालेगा;(iii)
सदन में प्रवेश करते या सदन से निकलते समय तथा अपनी सीट पर बैठते या उठते समय अध्यक्ष को प्रणाम करेगा;(iv)
अध्यक्ष और बोलने वाले सदस्य के बीच से होकर नहीं गुजरेगा;(v)
अध्यक्ष के सदन को संबोधित करते समय सदन नहीं छोड़ेगा;(vi)
हमेशा अध्यक्ष को संबोधित करेगा;(vii)
सदन को संबोधित करते समय वह अपनी सामान्य सीट पर ही बैठे रहेंगे;(viii)
सदन में भाषण देते समय कार्यवाही में बाधा नहीं डालेगा, न ही उसे बाधित करेगा और भाषण देते समय लगातार टिप्पणी करने से बचेगा;(ix)
किसी अजनबी के दीर्घाओं में प्रवेश करने पर ताली नहीं बजाएंगे;(x)
सदन में नारे नहीं लगाएगा;(xi)
कुर्सी की ओर पीठ करके नहीं बैठेगा या खड़ा नहीं होगा;(xii)
सदन में अध्यक्ष के पास स्वयं उपस्थित नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर वह मेज पर उपस्थित पदाधिकारियों को पर्ची भेज सकता है;(xiii)
सदन में हथियार न तो लाएगा और न ही प्रदर्शित करेगा;(xiv)
सदन में किसी भी प्रकार का बैज न तो धारण करेगा और न ही प्रदर्शित करेगा;(xv)
अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में झंडे, प्रतीक चिन्ह या कोई भी प्रदर्शनी प्रदर्शित नहीं करेगा;(xvi)
सामान्यतः अपना भाषण देने के तुरंत बाद सदन नहीं छोड़ेगा;(17)
(क)
सदन परिसर के भीतर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित नहीं करेगा और न ही उसके द्वारा सदन परिसर के भीतर कोई पर्चा या साहित्य वितरित किया जाएगा।(ख)
वे किसी गैर-सदस्य के साथ केवल अपने विधानमंडलीय दल कार्यालय में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं;(ग)
अध्यक्ष की अनुमति के बिना विधानसभा परिसर के भीतर कोई साहित्य, पत्रक या प्रश्नावली वितरित नहीं करेगा;(xviii)
सदन में छड़ी लेकर नहीं जाएगा जब तक कि अध्यक्ष द्वारा स्वास्थ्य कारणों से इसकी अनुमति न दी जाए;(16)
सदन में विरोध में दस्तावेजों को फाड़ना नहीं;(xx)
घर या गैलरी में सेलुलर फोन, कागज या प्ले कैसेट या टेप रिकॉर्डर नहीं लाएंगे। यदि इन्हें लाया जाता है तो इन्हें जब्त कर लिया जाएगा;(xxi)
सदन के भीतर सत्याग्रह या धरना नहीं करेगा;(xxii)
बोलते समय किसी भी गैलरी में मौजूद अजनबियों का कोई उल्लेख नहीं करेगा;(xxiii)
यदि आवश्यक हो, तो सदन में कोई व्यवधान उत्पन्न किए बिना अपनी सीट के निकट स्थित पिछले दरवाजे से बाहर जा सकता है;(xxiv)
अन्य सदस्यों से बात नहीं करनी चाहिए, लेकिन यदि अनिवार्य रूप से आवश्यक हो, तो वह केवल बहुत धीमी आवाज में ही ऐसा कर सकता है, ताकि कार्यवाही में बाधा न पड़े;(xxv)
अध्यक्ष के बोलने के लिए उठते ही या "व्यवस्था का प्रश्न" कहते ही तथा जब कोई अन्य सदस्य बोलने के लिए उपस्थित हो (अर्थात अध्यक्ष की अनुमति से बोल रहा हो) या बहस के दौरान व्यवस्था का प्रश्न उठाने या व्यक्तिगत स्पष्टीकरण देने के लिए हस्तक्षेप किया हो, तो उसे तुरंत अपनी सीट पर वापस बैठ जाना चाहिए;(xxvi)
लॉबी में रहते समय, चैंबर में सुनाई देने लायक जोर से बात करने या हंसने से बचना चाहिए;(xxvii)
सदन को संबोधित करने या प्रश्न पूछने की इच्छा रखने वाले सदस्य तब तक हाथ उठाएंगे जब तक कि वे अध्यक्ष की ओर ध्यान आकर्षित करने में सफल न हो जाएं। कोई भी सदस्य तब तक नहीं बोलेगा जब तक कि उसने अध्यक्ष की ओर ध्यान आकर्षित न कर लिया हो और अध्यक्ष द्वारा नाम से या संकेत से अध्यक्ष को संबोधित करने या प्रश्न पूछने के लिए न बुलाया गया हो;(xxviii)
किसी व्यक्ति या सार्वजनिक निकाय के विरुद्ध आरोप नहीं लगाएगा, जब तक कि प्रथम दृष्टया न हो, क्योंकि सदन में सदस्यों द्वारा दिए गए बयानों के लिए अभियोजन से स्वतंत्रता प्राप्त है;(xxix)
अध्यक्ष को संबोधित करते समय, अप्रत्यक्ष संकेत देने वाले शब्दों और आपत्तिजनक एवं असंसदीय अभिव्यक्तियों से सावधानीपूर्वक बचना चाहिए;(xxx)
अध्यक्ष के निर्णय पर कोई प्रश्न या टिप्पणी नहीं करेगा, सिवाय किसी सारगर्भित प्रस्ताव के;(xxxi)
जब अध्यक्ष को लगता है कि कोई विशेष रचना या अभिव्यक्ति असंसदीय है, तो उसे उस सदस्य द्वारा तुरंत वापस ले लिया जाना चाहिए जिसने उसका उपयोग किया है, बिना उस पर कोई बहस छेड़ने की कोशिश किए;(xxxii)
किसी अन्य सदस्य से बहस नहीं करनी चाहिए या जब वह बोल रहा हो तो उसका प्रत्यक्ष विरोध नहीं करना चाहिए। हालांकि, वह अध्यक्ष के माध्यम से बोलने वाले सदस्य से जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रश्न पूछ सकता है। लेकिन अध्यक्ष की अनुमति से सदन को संबोधित कर रहे किसी सदस्य को सामान्य नियम के अनुसार किसी अन्य सदस्य द्वारा बाधित नहीं किया जाना चाहिए। यदि व्यवधान किसी व्यवस्था के प्रश्न के कारण नहीं है, तो पूर्व सदस्य को अपनी सीट पर वापस आकर रास्ता न देने का, बल्कि अपना भाषण जारी रखने का विकल्प खुला है;(xxxiii)
किसी सदस्य द्वारा अपने भाषण के दौरान उद्धृत दस्तावेज़ का उल्लेख नहीं करेगा, जो अन्य सदस्यों के लिए उपलब्ध नहीं है, और निर्देश दिए जाने पर सदन की मेज पर रखेगा;(xxxiv)
मंत्री द्वारा अपने पास मौजूद अभिलेखों से दिए गए कथन को सही मानेगा, जब तक कि जानबूझकर उसे चुनौती देने के लिए कोई मुद्दा न उठाया जाए;(xxxv)
यदि किसी अन्य सदस्य पर कोई कथन आरोपित किया जाता है और बाद वाला कहता है कि उसने वह कथन नहीं दिया है, तो इस विरोधाभास को बिना किसी आपत्ति के स्वीकार किया जाना चाहिए, और;(xxxvi)
जब कोई अन्य सदस्य के भाषण की आलोचना करता है, तो बाद वाले को यह अपेक्षा करने का अधिकार है कि आलोचक सदन में उपस्थित होकर आलोचना किए गए सदस्य का उत्तर सुने। बाद वाले के उत्तर देते समय अनुपस्थित रहना संसदीय शिष्टाचार का उल्लंघन है;(xxxvii)
इस प्रकार कार्य करना है कि राज्यपाल के संबोधन की गरिमा और गंभीरता बनी रहे;(xxxviii)
राज्यपाल और सदन के प्रति असभ्य या अनादरपूर्ण व्यवहार नहीं करेगा; ऐसे कार्यों को सदन की अवमानना माना जाएगा और किसी सदस्य द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर बाद में इस पर कार्रवाई की जा सकती है;(xxxix)
यदि सदन के तल पर कोई गंभीर अपराध करता है, तो सदन के परामर्श से उचित कार्रवाई शुरू करना माना जाएगा;(xl)
यदि जानबूझकर सदन की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जाए तो माननीय अध्यक्ष या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा निर्धारित मूल्य सदस्य से वसूल किया जाएगा।(घ)
कोई भी सदस्य समिति की कार्यवाही के संबंध में प्रेस वक्तव्य नहीं देगा। जब भी प्रेस को कोई जानकारी देना आवश्यक हो, तो वह समिति के अध्यक्ष द्वारा विधानमंडल के कानून के अनुसार दी जानी चाहिए;(ई)
सदस्यों को यात्रा के दौरान कोई उपहार स्वीकार नहीं करना चाहिए। हालाँकि, यात्रा की गई संस्था से संबंधित सस्ते स्मृति चिन्ह स्वीकार किए जा सकते हैं;(f)
समिति या उप-समिति या अध्ययन समूह, दौरे पर रहते हुए, अध्ययन दौरे के विषय से जुड़े किसी भी निजी पक्ष द्वारा दिए गए दोपहर के भोजन या रात्रिभोज या अन्य आतिथ्य सत्कार के किसी भी निमंत्रण को स्वीकार नहीं करेगा;(g)
कोई भी सदस्य आधिकारिक दौरों के दौरान किसी अन्य व्यक्ति को अपने साथ नहीं ले जाएगा। अध्यक्ष की पूर्व अनुमति से चिकित्सा कारणों से कोई परिचारक या सदस्य का जीवनसाथी सदस्य के साथ जा सकता है। ऐसे मामलों में, सदस्य अपने जीवनसाथी या परिचारक के होटल शुल्क सहित सभी खर्चों का वहन स्वयं करेगा। यदि किसी सदस्य के साथ पूर्व अनुमति के बिना कोई व्यक्ति पाया जाता है, तो वह न केवल ऐसे व्यक्ति के सभी खर्चों का वहन करेगा, बल्कि उसके बाद समिति के किसी भी दौरे में भाग लेने से स्वतः ही प्रतिबंधित हो जाएगा;(h)
किसी सदस्य का जीवनसाथी या परिचारक किसी भी स्थिति में समिति के सदस्यों के साथ किसी संस्था, उपक्रम, कार्यालय या प्रतिष्ठान की आधिकारिक अध्ययन यात्रा के दौरान और संबंधित प्रतिष्ठान, उपक्रम आदि के अधिकारियों के साथ अनौपचारिक चर्चा के दौरान उपस्थित नहीं होना चाहिए।इस धारा पर आपका निजी नोट
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