पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 84 अब BNS धारा 22 है
धारा 84 - विकॄतचित व्यक्ति का कार्य
पुराना कानून
IPC §84
धारा 84 - विकॄतचित व्यक्ति का कार्य
विकॄतचित व्यक्ति का कार्य
कोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है, जो उसे करते समय चित्त-विकॄति के कारण उस कार्य की प्रकृति , या यह कि जो कुछ वह कर रहा है वह दोषपूर्ण या विधि के प्रतिकूल है, जानने में असमर्थ है ।
पूरा पढ़ें: IPC §84कोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है, जो उसे करते समय चित्त-विकॄति के कारण उस कार्य की प्रकृति , या यह कि जो कुछ वह कर रहा है वह दोषपूर्ण या विधि के प्रतिकूल है, जानने में असमर्थ है ।
नया कानून
BNS §22
मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का कृत्य।
कोई भी कार्य अपराध नहीं है यदि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो उस समय मानसिक अस्वस्थता के कारण उस कार्य की प्रकृति को जानने में असमर्थ हो, या यह जानने में असमर्थ हो कि वह जो कर रहा है वह गलत है या कानून के विपरीत है।
पूरा पढ़ें: BNS §221 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
