पुराना कानून
IPC §53
दंड।
इस संहिता के प्रावधानों के तहत अपराधियों को जिन दंडों का सामना करना पड़ सकता है, वे इस प्रकार हैं—
पहला. —मृत्यु;
1 [ द्वितीय — आजीवन कारावास;]
2 * * * * *
चौथा.— कारावास, जिसके दो प्रकार हैं, अर्थात्:—
(1) कठोर, अर्थात् कठिन श्रम के साथ;
(2) सरल;
पांचवीं बात. -संपत्ति की ज़ब्ती;
छठी बात. —ठीक है।
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1 [ द्वितीय — आजीवन कारावास;]
2 * * * * *
चौथा.— कारावास, जिसके दो प्रकार हैं, अर्थात्:—
(1) कठोर, अर्थात् कठिन श्रम के साथ;
(2) सरल;
पांचवीं बात. -संपत्ति की ज़ब्ती;
छठी बात. —ठीक है।
नया कानून
BNS §4
दंड।
इस संहिता के प्रावधानों के तहत अपराधियों को जिन दंडों का सामना करना पड़ सकता है, वे इस प्रकार हैं—
(मौत;
(ख) आजीवन कारावास;
(ग) कारावास, जो दो प्रकार का होता है, अर्थात्:—
(1) कठोर, अर्थात् कठिन श्रम के साथ;
(2) सरल;
(घ) संपत्ति की ज़ब्ती;
(ई) जुर्माना;
(f) सामुदायिक सेवा।
पूरा पढ़ें: BNS §4(मौत;
(ख) आजीवन कारावास;
(ग) कारावास, जो दो प्रकार का होता है, अर्थात्:—
(1) कठोर, अर्थात् कठिन श्रम के साथ;
(2) सरल;
(घ) संपत्ति की ज़ब्ती;
(ई) जुर्माना;
(f) सामुदायिक सेवा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
