पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 470 अब BNS धारा 340(1) है
धारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
पुराना कानून
IPC §470
धारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
वह मिथ्या 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रची गई है, “कूटरचित 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] ” कहलाती है ।
पूरा पढ़ें: IPC §470वह मिथ्या 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रची गई है, “कूटरचित 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] ” कहलाती है ।
नया कानून
BNS §340(1)
जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
(1) जालसाजी द्वारा पूर्णतः या आंशिकतः निर्मित कोई झूठा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख कहलाता है।
(2) जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली मानकर इस्तेमाल करता है जिसे वह जानता है या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि वह जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड है, उसे उसी तरह दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को जाली बनाया हो।
पूरा पढ़ें: BNS §340(1)(2) जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली मानकर इस्तेमाल करता है जिसे वह जानता है या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि वह जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड है, उसे उसी तरह दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को जाली बनाया हो।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
