पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 469 अब BNS धारा 336(4) है
धारा 469 - ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न
पुराना कानून
IPC §469
धारा 469 - ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न
ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न
जो कोई कूटरचना इस आशय से करेगा कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जिसकी कूटरचना की जाती है, किसी पक्षकार की ख्याति की अपहानि करेगी, या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §469जो कोई कूटरचना इस आशय से करेगा कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जिसकी कूटरचना की जाती है, किसी पक्षकार की ख्याति की अपहानि करेगी, या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
नया कानून
BNS §336(4)
जालसाजी।
(1) जो कोई भी जनता या किसी व्यक्ति को हानि या चोट पहुँचाने के इरादे से, या किसी दावे या हक का समर्थन करने के लिए, या किसी व्यक्ति को संपत्ति से वंचित करने के लिए, या किसी स्पष्ट या निहित अनुबंध में प्रवेश करने के लिए, या धोखाधड़ी करने के इरादे से, या धोखाधड़ी करवाए जाने की संभावना से कोई झूठा दस्तावेज़ या झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का कोई भाग बनाता है, वह जालसाजी करता है।
(2) जो कोई जालसाजी करेगा उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किसी पक्ष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, या यह जानते हुए कि इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए होने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §336(4)(2) जो कोई जालसाजी करेगा उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किसी पक्ष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, या यह जानते हुए कि इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए होने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
