पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 461 अब BNS धारा 334(1) है
धारा 461 - ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना
पुराना कानून
IPC §461
धारा 461 - ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना
ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना
जो कोई किसी ऐसे बंद पात्र को, जिसमें संपत्ति हो या जिसमें संपत्ति होने का उसे विश्वास हो, बेईमानी से या रिष्टि करने के आशय से तोड़कर खोलेगा या उपबंधित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §461जो कोई किसी ऐसे बंद पात्र को, जिसमें संपत्ति हो या जिसमें संपत्ति होने का उसे विश्वास हो, बेईमानी से या रिष्टि करने के आशय से तोड़कर खोलेगा या उपबंधित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
नया कानून
BNS §334(1)
बेईमानी से संपत्ति से भरे पात्र को तोड़कर खोलना।
(1) जो कोई बेईमानी से या उपद्रव करने के इरादे से किसी बंद पात्र को तोड़ता है या खोलता है जिसमें संपत्ति है या जिसके बारे में उसे विश्वास है कि उसमें संपत्ति है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) जो कोई भी, किसी बंद पात्र को सौंपे जाने पर, जिसमें संपत्ति हो या जिसके बारे में उसे विश्वास हो कि उसमें संपत्ति है, और उसे खोलने का अधिकार न होने के कारण, बेईमानी से या शरारत करने के इरादे से, उस पात्र को तोड़ता है या खोलता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §334(1)(2) जो कोई भी, किसी बंद पात्र को सौंपे जाने पर, जिसमें संपत्ति हो या जिसके बारे में उसे विश्वास हो कि उसमें संपत्ति है, और उसे खोलने का अधिकार न होने के कारण, बेईमानी से या शरारत करने के इरादे से, उस पात्र को तोड़ता है या खोलता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
