पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 458 अब BNS धारा 331(6) है
धारा 458 - उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
पुराना कानून
IPC §458
धारा 458 - उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
जो कोई किसी व्यक्ति को उपहति कारित करने की या किसी व्यक्ति पर हमला करने की या किसी व्यक्ति का सदोष अवरोघ करने की अथवा किसी व्यक्ति को उपहति के, या हमले के, या सदोष अवरोध के भय में डालने की तैयारी करके, रात्रो प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रो गॄह-भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि चौदह वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §458जो कोई किसी व्यक्ति को उपहति कारित करने की या किसी व्यक्ति पर हमला करने की या किसी व्यक्ति का सदोष अवरोघ करने की अथवा किसी व्यक्ति को उपहति के, या हमले के, या सदोष अवरोध के भय में डालने की तैयारी करके, रात्रो प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रो गॄह-भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि चौदह वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
नया कानून
BNS §331(6)
घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।
(1) जो कोई भी छिपकर घर में घुसपैठ करता है या घर तोड़ता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(2) जो कोई सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले छिपकर घर में घुसपैठ करता है या घर तोड़ता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(3) जो कोई भी कारावास से दंडनीय किसी अपराध को अंजाम देने के इरादे से घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा; और यदि किया जाने वाला अपराध चोरी है, तो कारावास की अवधि दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
(4) जो कोई भी सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी ऐसे अपराध को अंजाम देने के इरादे से घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है जिसके लिए कारावास की सजा हो सकती है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा; और, यदि किया जाने वाला अपराध चोरी है, तो कारावास की अवधि चौदह वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
(5) जो कोई भी किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, किसी व्यक्ति पर हमला करने, किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने, या किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, हमला करने या गलत तरीके से रोकने का भय पैदा करने की तैयारी करके घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) जो कोई भी सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले छिपकर घर में घुसपैठ करता है या घर तोड़ता है, और किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, किसी व्यक्ति पर हमला करने, या किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने, या किसी व्यक्ति को चोट, हमले या गलत तरीके से रोकने का भय पैदा करने की तैयारी करता है, उसे चौदह वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(7) जो कोई भी छिपकर घर में घुसपैठ या सेंधमारी करते हुए किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है या किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास करता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(8) यदि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी गुप्त गृह प्रवेश या सेंधमारी करते समय, ऐसे अपराध का दोषी कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुँचाता है या पहुँचाने का प्रयास करता है, तो सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले ऐसे गुप्त गृह प्रवेश या सेंधमारी करने में संयुक्त रूप से शामिल प्रत्येक व्यक्ति को आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §331(6)(2) जो कोई सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले छिपकर घर में घुसपैठ करता है या घर तोड़ता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(3) जो कोई भी कारावास से दंडनीय किसी अपराध को अंजाम देने के इरादे से घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा; और यदि किया जाने वाला अपराध चोरी है, तो कारावास की अवधि दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
(4) जो कोई भी सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी ऐसे अपराध को अंजाम देने के इरादे से घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है जिसके लिए कारावास की सजा हो सकती है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा; और, यदि किया जाने वाला अपराध चोरी है, तो कारावास की अवधि चौदह वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
(5) जो कोई भी किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, किसी व्यक्ति पर हमला करने, किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने, या किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, हमला करने या गलत तरीके से रोकने का भय पैदा करने की तैयारी करके घर में घुसपैठ करता है या सेंधमारी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) जो कोई भी सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले छिपकर घर में घुसपैठ करता है या घर तोड़ता है, और किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने, किसी व्यक्ति पर हमला करने, या किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने, या किसी व्यक्ति को चोट, हमले या गलत तरीके से रोकने का भय पैदा करने की तैयारी करता है, उसे चौदह वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(7) जो कोई भी छिपकर घर में घुसपैठ या सेंधमारी करते हुए किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है या किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास करता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(8) यदि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी गुप्त गृह प्रवेश या सेंधमारी करते समय, ऐसे अपराध का दोषी कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुँचाता है या पहुँचाने का प्रयास करता है, तो सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले ऐसे गुप्त गृह प्रवेश या सेंधमारी करने में संयुक्त रूप से शामिल प्रत्येक व्यक्ति को आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
