पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 441 अब BNS धारा 329(1) है
धारा 441 - आपराधिक अतिचार
पुराना कानून
IPC §441
धारा 441 - आपराधिक अतिचार
आपराधिक अतिचार
जो कोई ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, जो किसी दूसरे के कब्जे में है, इस आशय से प्रवेश करता है, कि वह कोई अपराध करे या किसी व्यक्ति को, जिसके कब्जे में ऐसी संपत्ति है ; अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे,
अथवा ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, विधिपूर्वक प्रवेश करके वहां विधिविरुद्ध रूप में इस आशय से बना रहता है कि तद्द्वारा वह किसी ऐसे व्यक्ति को अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे या इस आशय से बना रहता है कि वह कोई अपराध करे,
वह “आपराधिक अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।
पूरा पढ़ें: IPC §441जो कोई ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, जो किसी दूसरे के कब्जे में है, इस आशय से प्रवेश करता है, कि वह कोई अपराध करे या किसी व्यक्ति को, जिसके कब्जे में ऐसी संपत्ति है ; अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे,
अथवा ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, विधिपूर्वक प्रवेश करके वहां विधिविरुद्ध रूप में इस आशय से बना रहता है कि तद्द्वारा वह किसी ऐसे व्यक्ति को अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे या इस आशय से बना रहता है कि वह कोई अपराध करे,
वह “आपराधिक अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।
नया कानून
BNS §329(1)
आपराधिक अतिक्रमण और घर में अनाधिकृत प्रवेश।
(1) जो कोई किसी दूसरे के कब्जे वाली संपत्ति में अपराध करने के इरादे से या ऐसी संपत्ति के कब्जे में मौजूद किसी व्यक्ति को डराने, अपमानित करने या परेशान करने के इरादे से प्रवेश करता है, या ऐसी संपत्ति में वैध रूप से प्रवेश करने के बाद, किसी ऐसे व्यक्ति को डराने, अपमानित करने या परेशान करने के इरादे से या अपराध करने के इरादे से गैरकानूनी रूप से वहां रहता है, तो वह आपराधिक अतिचार करता है।
(2) जो कोई भी किसी भवन, तम्बू या बर्तन में प्रवेश करके या उसमें रहकर आपराधिक अतिचार करता है, जिसका उपयोग मानव निवास के रूप में किया जाता है, या किसी भवन का उपयोग पूजा स्थल के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में किया जाता है, उसे गृह-अतिक्रमण करने वाला कहा जाता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी अतिक्रमणकर्ता के शरीर के किसी भी हिस्से का प्रवेश करना ही घर में अतिक्रमण करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
(3) जो कोई आपराधिक अतिचार करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी घर में घुसपैठ करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §329(1)(2) जो कोई भी किसी भवन, तम्बू या बर्तन में प्रवेश करके या उसमें रहकर आपराधिक अतिचार करता है, जिसका उपयोग मानव निवास के रूप में किया जाता है, या किसी भवन का उपयोग पूजा स्थल के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में किया जाता है, उसे गृह-अतिक्रमण करने वाला कहा जाता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी अतिक्रमणकर्ता के शरीर के किसी भी हिस्से का प्रवेश करना ही घर में अतिक्रमण करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
(3) जो कोई आपराधिक अतिचार करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी घर में घुसपैठ करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
