पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 426 अब BNS धारा 324(2) है
धारा 426 - रिष्टि के लिए दण्ड
पुराना कानून
IPC §426
धारा 426 - रिष्टि के लिए दण्ड
रिष्टि के लिए दण्ड
जो कोई रिष्टि करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §426जो कोई रिष्टि करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
नया कानून
BNS §324(2)
शरारत।
(1) जो कोई भी जनता या किसी व्यक्ति को अनुचित हानि या क्षति पहुँचाने के इरादे से, या यह जानते हुए कि वह ऐसा करने की संभावना रखता है, किसी संपत्ति का विनाश करता है, या किसी संपत्ति में या उसकी स्थिति में ऐसा कोई परिवर्तन करता है जिससे उसका मूल्य या उपयोगिता नष्ट हो जाती है या कम हो जाती है, या उसे नुकसान पहुँचता है, वह उपद्रव करता है।
स्पष्टीकरण 1. — किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या नष्ट करने के लिए अपराधी का इरादा संपत्ति के स्वामी को हानि या क्षति पहुँचाना आवश्यक नहीं है। यह पर्याप्त है यदि उसका इरादा किसी व्यक्ति को किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर, चाहे वह संपत्ति उस व्यक्ति की हो या नहीं, अनुचित हानि या क्षति पहुँचाने का हो, या उसे पता हो कि ऐसा होने की संभावना है।
स्पष्टीकरण 2. — उपद्रव किसी ऐसे कार्य द्वारा किया जा सकता है जो कार्य करने वाले व्यक्ति की संपत्ति को प्रभावित करता हो, या उस व्यक्ति और अन्य लोगों की संयुक्त संपत्ति को प्रभावित करता हो।
चित्र।
(क) ए जानबूझकर जेड को अनुचित हानि पहुंचाने के इरादे से जेड की मूल्यवान प्रतिभूति को जला देता है। ए ने शरारत की है।
(ख) ए, जेड के बर्फ घर में पानी डालता है और इस प्रकार बर्फ पिघला देता है, जिसका उद्देश्य जेड को अनुचित हानि पहुंचाना है। ए ने शरारत की है।
(ग) ए जानबूझकर जेड की अंगूठी नदी में फेंक देता है, जिससे जेड को अनुचित हानि हो। ए ने शरारत की है।
(घ) ए, यह जानते हुए कि जेड को देय ऋण की वसूली के लिए उसकी संपत्ति जब्त की जाने वाली है, जेड को ऋण की वसूली से रोकने और इस प्रकार जेड को हानि पहुंचाने के इरादे से उन संपत्तियों को नष्ट कर देता है। ए ने नुकसान का अपराध किया है।
(ई) यदि कोई व्यक्ति किसी जहाज का बीमा कराकर उसे जानबूझकर समुद्र में बहा देता है, जिसका उद्देश्य बीमाकर्ताओं को नुकसान पहुंचाना हो, तो उसने नुकसान पहुंचाने का अपराध किया है।
(f) A किसी जहाज को जानबूझकर बहा ले जाता है, जिससे Z को नुकसान पहुंचे, जिसने जहाज पर बॉटमरी के लिए पैसा उधार दिया है। A ने शरारत की है।
(g) घोड़े में जेड के साथ संयुक्त स्वामित्व रखने वाला ए, जेड को अनुचित हानि पहुंचाने के इरादे से घोड़े को गोली मारता है। ए ने शरारत की है।
(h) A, Z के खेत में मवेशियों को इस इरादे से ले जाता है और यह जानते हुए कि वह Z की फसल को नुकसान पहुँचा सकता है। A ने उपद्रव किया है।
(2) जो कोई उपद्रव करेगा उसे छह महीने तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार सरकार या स्थानीय प्राधिकरण की संपत्ति सहित किसी भी संपत्ति को हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार बीस हजार रुपये या उससे अधिक लेकिन एक लाख रुपये से कम की हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार एक लाख रुपये या उससे अधिक की हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पांच वर्ष तक हो सकती है, या जुर्माना, या दोनों।
(6) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्यु, चोट, या गलत तरीके से रोकना, या मृत्यु, चोट, या गलत तरीके से रोकने का भय उत्पन्न करने की तैयारी करके उपद्रव करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक हो सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §324(2)स्पष्टीकरण 1. — किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या नष्ट करने के लिए अपराधी का इरादा संपत्ति के स्वामी को हानि या क्षति पहुँचाना आवश्यक नहीं है। यह पर्याप्त है यदि उसका इरादा किसी व्यक्ति को किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर, चाहे वह संपत्ति उस व्यक्ति की हो या नहीं, अनुचित हानि या क्षति पहुँचाने का हो, या उसे पता हो कि ऐसा होने की संभावना है।
स्पष्टीकरण 2. — उपद्रव किसी ऐसे कार्य द्वारा किया जा सकता है जो कार्य करने वाले व्यक्ति की संपत्ति को प्रभावित करता हो, या उस व्यक्ति और अन्य लोगों की संयुक्त संपत्ति को प्रभावित करता हो।
चित्र।
(क) ए जानबूझकर जेड को अनुचित हानि पहुंचाने के इरादे से जेड की मूल्यवान प्रतिभूति को जला देता है। ए ने शरारत की है।
(ख) ए, जेड के बर्फ घर में पानी डालता है और इस प्रकार बर्फ पिघला देता है, जिसका उद्देश्य जेड को अनुचित हानि पहुंचाना है। ए ने शरारत की है।
(ग) ए जानबूझकर जेड की अंगूठी नदी में फेंक देता है, जिससे जेड को अनुचित हानि हो। ए ने शरारत की है।
(घ) ए, यह जानते हुए कि जेड को देय ऋण की वसूली के लिए उसकी संपत्ति जब्त की जाने वाली है, जेड को ऋण की वसूली से रोकने और इस प्रकार जेड को हानि पहुंचाने के इरादे से उन संपत्तियों को नष्ट कर देता है। ए ने नुकसान का अपराध किया है।
(ई) यदि कोई व्यक्ति किसी जहाज का बीमा कराकर उसे जानबूझकर समुद्र में बहा देता है, जिसका उद्देश्य बीमाकर्ताओं को नुकसान पहुंचाना हो, तो उसने नुकसान पहुंचाने का अपराध किया है।
(f) A किसी जहाज को जानबूझकर बहा ले जाता है, जिससे Z को नुकसान पहुंचे, जिसने जहाज पर बॉटमरी के लिए पैसा उधार दिया है। A ने शरारत की है।
(g) घोड़े में जेड के साथ संयुक्त स्वामित्व रखने वाला ए, जेड को अनुचित हानि पहुंचाने के इरादे से घोड़े को गोली मारता है। ए ने शरारत की है।
(h) A, Z के खेत में मवेशियों को इस इरादे से ले जाता है और यह जानते हुए कि वह Z की फसल को नुकसान पहुँचा सकता है। A ने उपद्रव किया है।
(2) जो कोई उपद्रव करेगा उसे छह महीने तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार सरकार या स्थानीय प्राधिकरण की संपत्ति सहित किसी भी संपत्ति को हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार बीस हजार रुपये या उससे अधिक लेकिन एक लाख रुपये से कम की हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई भी उपद्रव करता है और इस प्रकार एक लाख रुपये या उससे अधिक की हानि या क्षति पहुंचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पांच वर्ष तक हो सकती है, या जुर्माना, या दोनों।
(6) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्यु, चोट, या गलत तरीके से रोकना, या मृत्यु, चोट, या गलत तरीके से रोकने का भय उत्पन्न करने की तैयारी करके उपद्रव करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक हो सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
